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निवेश क्या है

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इन्वेस्टमेंट / निवेश क्या है

इन्वेस्टमेंट / निवेश क्या है ? – What is what is Investment In Hindi | निवेश किसे कहते हैं?

इन्वेस्टमेंट / निवेश क्या है

इन्वेस्टमेंट / निवेश क्या है

इन्वेस्टमेंट क्या होता है / निवेश क्या है ? निवेश किसे कहते हैं?

निवेश निवेश क्या है क्या है: अपनी बचत की पूंजी को किसी ऐसी जगह पर लगा देना, जिससे की एक निश्चित समय बाद वह पूंजी बढ़ जाये तो उसे निवेश कहते है। निवेश अपने पैसे पर अतिरिक्त लाभ कमाने के लिये किया जाता है।

दूसरे शब्दों में जब हम अपने बचत के पैसों को इस तरह से उपयोग में लेते है की भविष्य में वह पैसे बढ़ कर अपनी मूल राशि से ज्यादा हो जाये तो इससे हमें जो लाभ प्राप्त हुआ इसे इन्वेस्टमेंट या निवेश से मिलने वाला लाभ कहेंगे।

निवेश / इन्वेस्टमेंट का महत्व

आज की बचत ही कल की कमाई है। निवेश करने का मुख्य कारण अपने पैसों से पैसा बनाना होता है ताकि भविष्य की अपनी जरूरतों और अपने सारे सपनों को पूरा किया जा सके।

दिन – प्रतिदिन महंगाई बहुत तेज़ी से बढ़ती जा रही है और जिस तेज़ी से महंगाई बढ़ रही है उतनी तेज़ी से लोगो की आमदनी (Income) नहीं बढ़ रही है। इसलिये अपनी आमदनी हो बढ़ाने के लिये भी निवेश करना जरूरी हो जाता है। निवेश करने पर लाभ होगा और उस लाभ से आप अपने सभी खर्चो को पूरा कर सकते है।( निवेश क्या है इन्वेस्टमेंट क्या है – what is Investment In Hindi )

बचत और निवेश में अंतर (Difference Between Saving And Investment)

अगर आप अपनी सैलरी से कुछ पैसा बचाकर अलग से बैंक या घर में रखते है तो वह बचत है। लेकिन बचाये हुये पैसों से शेयर्स, बांड्स, डिबेंचर, म्यूच्यूअल फंड, जमीन आदि खरीद कर रखी जाये तो वह निवेश है।

बचत अल्पकालिक निवेश क्या है और निकटतम लक्ष्यों को पूरा करने के लिये की जाती है। जैसे: 2 – 3 महीने या 5 – 6 महीने बाद किसी काम को करने या किसी वस्तु को खरीदने के लिये पैसे चाहिये होंगे तो इसके लिये आप बचत (Saving) करेंगे।

निवेश (Investment) को Long Term Goals को पूरा करने के लिये किया जाता है। जैसे: कार खरीदना, घर खरीदना, बच्चों की पढ़ाई, बच्चों की शादी, रिटायरमेंट प्लानिंग के लिये निवेश किया जाता है। (निवेश क्या होता है – Nivesh kya hota hai)

निवेश कहां करें (Where To Invest Money)

1. Fixed Deposit (फिक्स्ड डिपाजिट): फिक्स्ड डिपाजिट को बैंक में करवाया जाता है। FD में निवेश करके सालाना 7 – 8% रिटर्न अपने पैसे पर कमाया जा सकता है। FD में निवेश सुरक्षित रहता है और लगाये हुये पैसे के डूबने की संभावना नहीं के बराबर होती है।

2. Mutual Fund (म्यूच्यूअल फंड): म्यूच्यूअल फंड में निवेश किया हुआ पैसा सीधे शेयर बाजार में लगता है इसलिये म्यूच्यूअल फंड्स थोड़े जोखिम भरे हो सकते है लेकिन 3 से 5 साल के लिये म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश किया जाये तो आप सालाना 15 – 20% तक रिटर्न कमा सकते है।

3. Equity Investment (इक्विटी इन्वेस्टमेंट): इक्विटी इन्वेस्टमेंट का अर्थ होता है की अपनी समझ से सीधे शेयर बाजार में पैसा लगाना। शेयर मार्किट को समझकर और अपने इन्वेस्टमेंट एडवाइजर की सलाह से शेयर मार्किट में निवेश करके 25 से 30% तक रिटर्न कमा सकते है।

4. Real Estate (रियल एस्टेट): रियल एस्टेट का अर्थ होता है की जमीन, घर, फ्लैट, बिल्डिंग में निवेश करना। रियल एस्टेट में निवेश करने के लिये बहुत ज्यादा पैसों की जरुरत होती है और इसमें अच्छा मुनाफा भी कमाया जा सकता है।

5. Business Investment (व्यापार में निवेश): निवेश करने के लिये आप कोई व्यापार शुरू कर सकते है या किसी और के व्यापार में भी निवेश कर हिस्सेदार बन सकते है। (निवेश क्या है – Nivesh Kya Hai)

निवेश करके पैसा कमाने के कई तरीके होते है। आप अपने लक्ष्य, जोखिम उठाने की क्षमता के अनुसार कहाँ निवेश करना है उसका निर्णय ले सकते है।

ELSS में जुलाई में 48 फीसदी घट गया निवेश, क्‍या आपको अब डालना चाहिए पैसा? क्‍या है एक्‍सपर्ट की राय

ईएलएसएस में किए गए निवेश पर आयकर अधिनियिम की धारा 80 सी के तहत टैक्‍स छूट मिलती है.

ईएलएसएस में किए गए निवेश पर आयकर अधिनियिम की धारा 80 सी के तहत टैक्‍स छूट मिलती है.

ईएलएसएस फंड्स (ELSS mutual fund) लॉन्‍ग टर्म में बड़ा फंड बनाने वाला निवेश क्या है वो फ्लेक्‍सी कैप फंड. ईएलएसएस में किए गए निवेश पर आ . अधिक पढ़ें

  • News18Hindi
  • Last Updated : August 11, 2022, 12:निवेश क्या है 24 IST

हाइलाइट्स

ELSS में जुलाई में 327.85 करोड़ रुपये का पॉजिटिव इनफ्लो रहा है. जून में यह आंकड़ा 640.06 करोड़ रुपये रहा था.
लॉन्‍ग टर्म में बड़ा फंड बनाने और टैक्‍स लाभ लेने के लिए इस ELSS फंड्स में निवेश अब भी फायदे का सौदा है.
हमेशा ही इक्विटी ने अन्‍य एसेट क्‍लास के मुकाबले लॉन्‍ग टर्म में बेहतर रिटर्न दिया है.निवेश क्या है

नई दिल्‍ली. एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इक्विटी म्‍यूचुअल फंड्स (Equity Mutual Funds) में होने वाले निवेश में जुलाई, 2022 में 42 फीसदी की गिरावट आई है. ईएलएसएस फंड्स (ELSS mutual fund) में निवेश में भी 48 फीसदी की गिरावट आई है. ईएलएसएस में जुलाई में 327.85 करोड़ रुपये का पॉजिटिव इनफ्लो रहा है. जून में यह आंकड़ा 640.06 करोड़ रुपये रहा था. ईएलएसएस फंड्स का नेट एसेट्स अंडर मैनेजमेंट जून के 1,34,225.70 करोड़ रुपये बढ़कर 1,47,910.92 करोड़ रुपये रहा है.

ELSS फंड्स लॉन्‍ग टर्म में बड़ा फंड बनाने वाला फ्लेक्‍सी कैप फंड है. ईएलएसएस में किए गए निवेश पर आयकर अधिनियिम की धारा 80सी के तहत टैक्‍स छूट मिलती है. इसका लॉक इन पीरियड तीन साल है. इसका अर्थ है कि इस फंड में की गई राशि की निकासी तीन साल से पहले नहीं की जा सकती. वित्‍तीय सलाहकार लॉन्‍ग टर्म इनवेस्‍टमेंट के लिए ईएलएसएस फंड्स में निवेश की सलाह इसलिए देते हैं क्‍योंकि इनका रिटर्न महंगाई दर से ज्‍यादा तो होता ही है, साथ ही इसमें टैक्‍स लाभ भी मिलता है.

क्‍या अब करना चाहिए निवेश?
लाइव मिंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, ELSS फंड्स के इनफ्लो में जुलाई 2022 में भारी गिरावट के बाद सवाल यह उठता है कि क्‍या अब भी इस फंड में निवेश करना चाहिए? वित्‍तीय सलाहकारों का कहना है कि लॉन्‍ग टर्म में बड़ा फंड बनाने और टैक्‍स लाभ लेने के लिए इस ईएलएसएस फंड्स में निवेश अब भी फायदे का सौदा है.

एप्सिलॉन मनी मार्ट के प्रोडक्‍ट और प्रोपोजिशन हेड नितिन राव का कहना है कि ईएलएसएस फंड में इक्विटी इनफ्लो में गिरावट के कई कारण हैं. इनमें बढ़ती ब्‍याज दरें, रुपये का अवमूल्‍यन, भू-राजनीतिक तनाव आदि निवेश क्या है शामिल है. इन कारकों ने इक्विटी के प्रति निवेशकों की धारणाओं को प्रभावित किया है.

इक्विटी मार्केट होगी मजबूत
राव का कहना है कि एएमएफआई के आंकड़ों से पता चलता है कि इक्विटी में रिटेल निवेशकों की भागीदारी लगातार बढ़ती जा रही है. टोटल सिप अकाउंट अब 55.5 मिलियन हो गए हैं. इससे पता चलता है कि रिटेल इनवेस्‍टर का भरोसा इसमे बढ़ता जा रहा है. राव का कहना है कि लॉन्‍ग टर्म इनवेस्‍टर के लिए इक्विटी में निवेश करने का यह सही मौका है. हमेशा ही इक्विटी ने अन्‍य एसेट क्‍लास के मुकाबले लॉन्‍ग टर्म में बेहतर रिटर्न दिया है. मॉनसून की बारिश ठीक हो रही है, फेस्टिव सीजन आ चुका जिससे खपत में बढ़ोतरी होगी. इन सब कारणों से घरेलू इक्विटी मार्केट को मजबूती मिलेगी.

(Disclaimer: यहां बताए गए स्‍टॉक्‍स ब्रोकरेज हाउसेज की सलाह पर आधारित हैं. यदि आप इनमें से किसी में भी पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले सर्टिफाइड इनवेस्‍टमेंट एडवायजर से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह की लाभ या निवेश क्या है हानि के लिए लिए News18 जिम्मेदार नहीं होगा.)

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Mutual Funds में निवेश करने का सही तरीका क्या है? उदाहरण के साथ सीखें

नई दिल्ली: म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिम के अधीन है। हालांकि, अगर कोई लंबे समय तक इसमें निवेश करता है तो जोखिम कारक कम हो जाता है जबकि म्यूचुअल फंड रिटर्न अधिकतम हो जाता है। अब इसमें निवेश कैसे करें? पहले तो आपको यह जानना चाहिए कि म्यूचुअल फंड काम कैसे करता है। बता दें कि म्यूचुअल फंड का मुख्य कार्य स्टॉक, बॉन्ड और अन्य प्रतिभूतियों में निवेश प्रदान करना है। अच्छे रिटर्न के लिए इन निवेशों को एक साथ लाया जाता है।

अब निवेश कैसे करें? इसपर ध्यान देते हैं। मान लीजिए आपकी उम्र 36 साल है और एसआईपी में नए हो और आप प्रति माह 10,000 रुपये निवेश करने की योजना बना रहा है तो आपको कैसे निवेश करना चाहिए?

चूंकि आप म्यूचुअल फंड में निवेश की मूल बातें नहीं जानते हैं, इसलिए आपको म्यूचुअल फंड सलाहकार की मदद लेनी चाहिए। आप संदर्भ के लिए अपने मित्रों और सहकर्मियों से पूछ सकते हैं। नए निवेशकों को मार्गदर्शन और स्पष्टीकरण की आवश्यकता है। केवल आपके निकट एक म्यूचुअल फंड सलाहकार ही आपको सही दिशा दिखाने में सक्षम होगा।

हम हमेशा निवेशकों से लक्ष्य-आधारित दृष्टिकोण अपनाने के निवेश क्या है लिए कहते हैं। यह आपको दैनिक बाजार की गतिविधियों के बारे में चिंता करने के बजाय अपने लक्ष्यों पर केंद्रित रहने में मदद करता है। हमेशा ऐसे म्युचुअल फंड चुनें जो आपके निवेश उद्देश्यों और जोखिम प्रोफाइल से मेल खाते हों। अगर आप लंबी अवधि में संपत्ति बढ़ाना चाहते हैं, तो आप लार्ज कैप म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। अगर आप थोड़ा और जोखिम लेने को तैयार हैं तो फ्लेक्सी कैप स्कीमों में निवेश कर सकते हैं।

अनावश्यक जोखिम न लें और रिटर्न के पीछे न भागें। अपने लक्ष्यों पर ध्यान दें और जोखिम लेने से पहले कुछ अनुभव और ज्ञान हासिल करें।

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इंटरनेशनल फंड में निवेश करना कितना सही? जानिए क्या है इसका नफा-नुकसान

अमेरिकी इंडेक्स को ट्रैक करने वाले इंटरनेशनल फंड्स पर डॉलर के मुकाबले रुपये में होने वाली गिरावट का असर नहीं होता.

इंटरनेशनल फंड में निवेश करना कितना सही? जानिए क्या है इसका नफा-नुकसान

इंटरनेशनल फंड में निवेश से आपको न सिर्फ वैश्विक बाजार में एक्सपोजर का मौका मिलेगा, बल्कि दुसरे देशों की प्रगति से भी आप लाभ कमा सकते हैं.

Why you should invest in international funds: अगर आप एक निवेशक के तौर पर अपने पोर्टफोलियो को बढ़ाना चाहते हैं तो इंटरनेशनल फंड आप के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है. इससे आपको न सिर्फ इंटनेशनल मार्किट में एक्सपोजर का मौका मिलेगा, बल्कि इससे आपको अच्छा रिटर्न भी मिलेगा. इंटरनेशनल फंड ऐसे म्यूचुअल फंड हैं, जिनके जरिए एक देश में रहने वाले निवेशक दूसरे देशों की कंपनियों में पैसे लगा सकते हैं. यानी भारत में रहने वाला एक निवेशक इंटरनेशनल फंड के जरिए अमेरिका या ब्रिटेन की किसी कंपनी के शेयर्स में निवेश कर सकता है. डॉलर के मुकाबले में रुपये में होने वाली गिरावट का इंटरनेशनल फंड पर असर नहीं होता है.

इंटरनेशनल फंड में निवेश करने वालों की संख्या बढ़ी

पिछले कुछ सालों में कम निवेश जोखिम और अच्छे रिटर्न की वजह से इंटरनेशनल फंड में निवेश करने वाले निवेशकों की संख्या में खासा इजाफा देखने को मिला है. टॉन्ग टर्म अवधि में निवेश करना हमेशा अच्छा विकल्प माना जाता है. क्योंकि लंबी अवधि के लिए किये गए निवेश में शॉर्ट टर्म निवेश के मुकाबल कम जोखिम होता है.

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बैंक बाजार.कॉम के सीईओ आदिल शेट्टी के मुताबिक, “निवेशकों को निवेश से पहले थोड़ा बड़ा सोचना चाहिए. बेहतर रिटर्न के लिए डोमेस्टिक मार्केट के अलावा इंटरनेशनल फंड्स में निवेश के विकल्प पर भी विचार किया जा सकता है. हालांकि अधिकतर भारतीय निवेश के लिए डोमेस्टिक मार्केट में इंवेस्टमेंट करना ही ज्यादा पसंद करते हैं.”

इंटरनेशनल फंड में निवेश से पहले निवेशकों को ये समझना होगा कि सभी देशों के बाजार एक जैसा प्रदर्शन नहीं करते. हर देश के बाजार पर उसकी आर्थिक स्थिति, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम का अलग-अलग ढंग से असर पड़ सकता है. ऐसे में कई बार कुछ देशों के बाजार निवेश क्या है अन्य देशों के मुकाबले में निवेशकों को ज्यादा आकर्षित करते हैं. इंटरनेशनल फंड के जरिए निवेशक दूसरे देश की कंपनियों के शेयर्स खरीद कर लाभ कमा सकते हैं. लेकिन इंटरनेशनल फंड्स में निवेश से पहले उनके बारे में पूरी जानकारी हासिल कर लेना भी जरूरी है.
(Article : Sanjeev Sinha)
(डिस्क्लेमर : यहां बताई गई बातें सिर्फ जानकारी के लिए हैं. फाइनेंशियल एक्सप्रेस ऑनलाइन किसी भी फंड में निवेश की सलाह नहीं देता. म्यूचुअल फंड कोई भी हो, उनमें निवेश बाजार जोखिम के अधीन होता है. निवेश के बारे में कोई भी फैसला करने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श जरूर कर लें.)

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