तकनीकी विश्लेषण के मूल तत्व

मूल्य सीमाएं

मूल्य सीमाएं
विमान में क्षमता से ज्यादा बुकिंग होने के कारण यात्रा से वंचित रखे जाने पर सरकार ने यात्रियों के लिए तय शर्तों के साथ 20,000 रुपये तक के मुआवजे का प्रस्ताव दिया है। नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक गजपति राजू ने कहा कि यात्रियों की समस्याओें को उचित समय के भीतर न सुलझाए जाने की शिकायतें मिलने के बाद ये उपाय प्रस्तावित किए गए हैं। नए उपाय लाने के लिए डीजीसीए ने तीन नागरिक उड्डयन जरूरतों और एक वायु यातायात सर्कुलर में बदलाव का सुझाव दिया है। अंतिम फैसला लिए जाने से पहले उन्हें सार्वजनिक विचार-विमर्श के लिए रखा जाएगा। बजट सत्र के दौरान संसद में पेश किए गए आंकड़े के अनुसार इस साल जनवरी-मार्च के दौरान दस भारतीय एयरलाइनों ने कुल 18,512 उड़ानों में देरी की। इनमें बजट एयरलाइन इंडिगो ने सबसे ज्यादा 5,426 उड़ानों में देरी की। इसके बाद जेट एयरलाइन ने सबसे ज्यादा 5,040, एयर इंडिया ने 3,111 और स्पाइसजेट ने 2,205 उड़ानों में देरी की।

खरीद-नीति

राज्य सरकार की एजेंसियां और भारतीय खाद्य निगम केन्द्रीय पूल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एम एस पी) पर निर्धारित उचित औसत गुणवत्ता (एफ ए क्यू ) विनिर्देशों के साथ अनुबद्ध अवधि के अन्दर गेहूं और धान की खरीद करती है । प्रत्येक विपणन मौसम की शुरुआत से पहले अनुमानित उत्पादन, विपणन अधिशेष और कृषि फसल पद्धति के आधार पर राज्य सरकारों और भारतीय खाद्य निगम के परामर्श से भारत सरकार गेहूं और धान की खरीद के लिए अनुमानों को अंतिम रूप देती है ।

इसके अलावा, राज्‍य सरकारों द्वारा मोटे अनाज की विभिन्‍न जिंसों की खरीद राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम तथा अन्‍य कल्‍याणकारी स्‍कीमों के अंतर्गत वितरण के लिए राज्‍य सरकारों द्वारा अपनी आवश्‍यकता के अनुसार भारतीय खाद्य निगम के परामर्श से स्‍वयं की जाती है ।

केंद्रीकृत खरीद प्रणाली

केंद्रीकृत खरीद प्रणाली के तहत, केन्द्रीय पूल के लिए खाद्यानों की खरीद या तो सीधे भारतीय खाद्य निगम द्वारा की जाती है या राज्‍य एजेंसियां खाद्यानों की खरीद कर भंडारण तथा भारत सरकार द्वारा आवंटन के अनुसार उसी राज्य मे निर्गत करने हेतु या अधिशेष स्टॉक को अन्य राज्यों मे परिचालन हेतु भारतीय खाद्य निगम को सुपुर्द कर देती हैं | भारतीय खाद्य निगम को राज्‍य एजेंसियों द्वारा स्टॉक सुपुर्द किए जाने के बाद उनके द्वारा खरीदे गए खाद्यानों की लागत की प्रतिपूर्ति भारत सरकार द्वारा जारी किए गए लागत पत्रक के अनुसार भारतीय खाद्य निगम के द्वारा की जाती है |

खरीद और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की कार्यकुशलता में वृद्धि करने तथा स्‍थानीय किसानों को न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य का लाभ देकर अधिकतम सीमा तक स्‍थानीय खरीद को प्रोत्‍साहित करने और ढुलाई की लागत में बचत करने के उद्देश्‍य से सरकार ने वर्ष 1997-98 में खाद्यान्‍नों की विकेन्‍द्रीकृत खरीद स्‍कीम की शुरुआत की थी। इसमें उन खाद्यान्‍नों की खरीद की जाती है, जो स्‍थानीय तौर पर अधिक पसंद किए जाते हैं।

Price Ceiling क्या है?

Price Ceiling एक सरकार- या समूह द्वारा लगाया गया मूल्य नियंत्रण, या सीमा है, जो किसी उत्पाद, वस्तु या सेवा के लिए कितना अधिक मूल्य वसूला जाता है। सरकारें उपभोक्ताओं को ऐसी परिस्थितियों से बचाने के लिए कीमतों की उच्चतम सीमा का प्रयोग करती हैं जो वस्तुओं को अत्यधिक महंगा बना सकती हैं।

एक Price Ceiling एक अनिवार्य अधिकतम राशि है जिसे विक्रेता को किसी उत्पाद या सेवा के लिए चार्ज करने की अनुमति है। आमतौर पर कानून द्वारा निर्धारित, मूल्य सीमा आमतौर पर खाद्य और ऊर्जा उत्पादों जैसे स्टेपल पर लागू होती है, जब ऐसे सामान नियमित उपभोक्ताओं के लिए अनुपलब्ध हो जाते हैं।

Price Ceiling क्या है?

'मूल्य सीमा' की परिभाषा [Definition of "Price Ceiling"] [In Hindi]

मूल्य सीमा एक ऐसी स्थिति है जब चार्ज की गई कीमत मांग और आपूर्ति की बाजार शक्तियों द्वारा निर्धारित संतुलन मूल्य से अधिक या कम होती है। यह पाया गया है कि उच्च मूल्य सीमा अप्रभावी है। हाउस रेंट मार्केट में प्राइस सीलिंग का काफी महत्व पाया गया है।

सरकार वस्तु के लिए आपूर्तिकर्ताओं द्वारा लगाए जा सकने वाले अधिकतम मूल्यों को नियंत्रित करने के लिए एक मूल्य सीमा लगाती है। यह आम जनता के लिए वस्तुओं को सस्ती बनाने के लिए किया जाता है। हालांकि, मूल्य सीमा के लंबे समय तक लागू रहने से कालाबाजारी हो सकती है और आपूर्ति पक्ष (supply side) में अशांति हो सकती है। Poverty trap क्या है?

मूल्य सीमा का क्या अर्थ है? [What Does Price Ceiling Mean? In Hindi]

एक मूल्य सीमा, उर्फ ​​एक मूल्य सीमा, उच्चतम बिंदु है जिस पर वस्तुओं और सेवाओं को बेचा जा सकता है। यह एक प्रकार का मूल्य नियंत्रण है और अधिकतम राशि जो किसी चीज़ के लिए ली जा सकती है। यह अक्सर सरकारी अधिकारियों द्वारा उपभोक्ताओं की मदद करने के लिए निर्धारित किया जाता है, जब ऐसा लगता है कि कीमतें अत्यधिक अधिक हैं या नियंत्रण से बाहर हो रही हैं।

मूल्य सीमा और मूल्य तल दो प्रकार के मूल्य नियंत्रण हैं। मूल्य सीमाएं वे इसके विपरीत काम करते हैं, जैसा कि उनके नाम से पता चलता है। एक मूल्य सीमा आपके द्वारा भुगतान की जाने वाली अधिकतम राशि या आप किसी चीज़ के लिए शुल्क ले सकते हैं - यह एक निश्चित स्तर से ऊपर बढ़ने से कीमतों को बनाए रखते हुए अधिकतम लागत निर्धारित करता है।

एक मूल्य तल किसी चीज़ के लिए न्यूनतम लागत, एक निचला-रेखा बेंचमार्क स्थापित करता है। यह कीमत को एक विशेष स्तर से नीचे गिरने से रोकता है।

विमान किरायों की सीमा तय करने से टिकट का न्यूनतम मूल्य बढ़ेगा : राजू

विमान किरायों की सीमा तय करने से टिकट का न्यूनतम मूल्य बढ़ेगा : राजू

राजू ने यहां हवाई यात्रा को अधिक सुगम बनाने के लिए यात्रियों के अनुकूल उपायों का शुभारंभ करते हुए कहा कि सिर्फ नियमन के लिए नियमन करना जरूरी नहीं है। हम ज्यादातर लोगों के लिए टिकट की लागत नहीं बढ़ाना चाहते हैं। विमान किरायों की अधिकतम सीमा तय करने के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने कहा कि न्यूनतम और अधिकतम सीमा 1994 से पहले होती थी। ऐसे में हम इसे नियमन वाला मामला बनाना चाहते हैं या नहीं। यदि आप सीमा तय करते हैं, तो न्यूनतम किराया बढ़ जाएगा। यह समस्या है।

पिछले साल किए गए किरायों के उतार-चढ़ाव पर विश्लेषण का हवाला देते हुए राजू ने कहा कि इसमें यह तथ्य सामने आया कि सिर्फ 1.7 प्रतिशत टिकटों का मूल्य ही ऊंचा था। यह विश्लेषण कुछ सांसदों द्वारा टिकट किरायों में काफी उतार-चढ़ाव पर चिंता जताए जाने के बाद किया गया था। इससे पहले इसी सप्ताह पीटीआई-भाषा से साक्षात्कार में राजू ने कहा था कि एयरलाइंस के बीच प्रतिस्पर्धा से इस समस्या का हल हो जाएगा। विमान किरायों पर अंकुश एक अच्छी कारोबारी सोच नहीं है और इससे सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना प्रभावित होगी।

LPG Price: दिसंबर महीने में गैस की कीमत में आएगी कमी, गैस की मूल्य सीमा होगी तय

देश की आम जनता को बहुत जल्द LPG गैस की बढ़ती कीमत पर राहत की सांस मिल सकती है. भारत सरकार इसकी कीमत पर लगाम लगाने के लिए योजना पर काम कर रही है.

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महंगाई के इस दौर में आम जनता के लिए दिसंबर का महीना अच्छा साबित हो सकता है. दरअसल, यह खबर सामने आ रही है कि सरकार अगले महीने यानी की दिसंबर माह में लोगों को महंगी गैस से राहत दे सकती है.

आपको बता दें कि इसके लिए केंद्र सरकार एक खास प्लान पर भी कार्य कर रही है. ताकि खाना बनाने वाले LPG गैस के साथ सीएनजी की कीमतों में भी कमी की जा सके. जैसे कि आप जानते हैं कि वर्तमान समय में LPG गैस की कीमत (LPG gas price) आसमान छू रही है , जिसका असर लोगों की जेब पर पड़ रहा है. आम लोगों को राहत पहुंचाने वाले सरकार के इस खास प्लान के बारे में जानते हैं कि यह कैसे काम करेगा और कैसे लोगों को इससे फायदा पहुंचेगा.

तय होगी गैस की मूल्य सीमा

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सरकार गैस की कीमतों का सही तरीके से समीक्षा करने के लिए एक प्लानिंग पर तेजी से काम कर रही है, जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के ओल्ड फील्ड से निकलने मूल्य सीमाएं वाली प्राकृतिक गैस की मूल्य सीमा को तय किया जाएगा. ताकि जितना हो सके गैस की कीमत पर नियंत्रण किया जा सके.

साल 2022 के आखिरी महीने में कई नियमों में बदलाव होने जा रहा है. समय रहते अपने इन कार्य को पूरा कर लें. इसके अलावा अगले माह आम लोगों की…

सरकार के इस प्लान पर योजना आयोग के पूर्व सदस्य किरीट एस पारेख की अध्यक्षता कमेटी काम कर रही है. बताया जा रहा है कि इस प्लानिंग पर सरकार अपने आखिरी रूप पर है. यह भी बताया जा रहा है कि समिति किसी भी दिन सरकार को इस प्लान की रिपोर्ट पेश कर सकती है और साथ ही सरकार के इस प्लान में ONGC और OIL India Limited के ओल्ड फील्ड से निकलने वाली गैस पर मूल्य सीमा तय करने की बात की जा रही है. ताकि आए दिन गैस की कीमत कंपनी न बढ़ा सके.

क्षेत्रों के हिसाब से बनाएंगे फॉर्मूले

इसके अलावा यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि जिन क्षेत्रों पर यह प्लान नहीं पहुंच पाएंगा, तो वहां के इलाकों के लिए अलग तरह के फॉर्मूले पर भी काम कर रही है. इस फॉर्मूले को लेकर फिलहाल सरकार ने किसी भी तरह की कोई जानकारी नहीं दी है.

English Summary: LPG Price The price of gas will come down in the month of December, the price limit of gas will be fixed Published on: 29 November 2022, 11:49 IST

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प्रश्न6. मध्य मूल्य से क्या आशय है? अथवा प्रभावली किसे कहते हैं? प्रश्न 7. प्राथमिक आंकड़े एकत्रित करने की विधियों के नाम लिखिए? अथवा द्वितीयक आँकड़े किसे कहते हैं? प्रश्न 8. सूचकांक की दो सीमाएं लिखिए? अथवा सहसंबंध का अर्थ लिखो? प्रश्न 9. हरित क्रांति क्या है? अथवा मूल्य सीमाएं शिशु मृत्यु दर किसे कहते हैं ।​​

कवि, कुछ ऐसी तान सुनाओ- जिससे उथल-पुथल मच जाए, एक हिलोर इधर से आए, एक हिलोर उधर से आए। सावधान! मेरी वीणा में चिनगारियाँ आन बैठी हैं, दोनों टूटी हैं मि … ज़राबें, अँगुलियाँ मेरी ਪੈਂਤੀ हैं। कंठ रुका है महानाश का मारक गीत रुद्ध होता है, आग लगेगी क्षण में, हृत्तल में अब क्षुब्ध-युद्ध होता है।, झाड़ और झंखाड़ दग्ध है इस ज्वलंत गायन के स्वर से, रुद्ध-गीत की क्रुद्ध तान है निकली मेरे अंतरतर से। कण-कण में है व्याप्त वही स्वर रोम-रोम गाता है वह ध्वनि, वही तान गाती रहती है कालकूट फणि की चिंतामणि। explain ​

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