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व्यापार तकनीक क्या है

व्यापार तकनीक क्या है

जानिए किस प्रकार गाजर हमारी आंखों की रोशनी में सुधार करने में बहुत मदद करती है

लाइव हिंदी खबर (हेल्थ टिप्स ) :- स्वस्थ रहना, आकर्षक शरीर पाना यह सब आजकल बहुत ही लोकप्रिय शब्द बन गए हैं जो हमें सुनने को मिलते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं वजन घटना, दिल की सेहत का ख्याल रखने के साथ-साथ आँखों की देखभाल भी बेहद ज़रूरी है। एक स्वस्थ जीवनशैली के लिए आँखों का भी महत्वपूर्ण योगदान है।

आँखें हमारे शरीर का बहुत ही ज़रूरी अंग हैं। इसी के ज़रिए हम इस खूबसूरत दुनिया को देख सकते हैं। इतना ही नहीं यह हमारी खूबसूरती को बढ़ाने में भी काम आती हैं। खूबसूरत आँखें हमें एक अलग पहचान देती हैं।
हमारी आँखों का स्वास्थ्य हम किस तरह का भोजन करते हैं इस पर निर्भर करता है और इस बात को कोई झुठला नही सकता। खाद्य पदार्थो में पोषक तत्वों का समावेश हमारी आँखों से संबंधित कई समस्याओं को रोकने में मदद करती है। यहा तक की सही पोषक तत्वों के लेने से आँखों पर उम्र का असर भी कम होता है। आइए जानते हैं आँखों के लिए कुछ अच्छे आहार जिनकी मदद से प्राकृतिक रूप से आँखों की रोशनी में वृद्धि की जा सकती है।

प्रकृति ने हमें वो सब कुछ दिया है जो हमारे स्वास्थ्य को सही रखने के लिए ज़रूरी है। इसलिए अपने आहार के द्वारा उन चीजों को ज़्यादा से ज़्यादा लेने की कोशिश करें। अपने आहार में एंटीऑक्सीडेंट (antioxidant) से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करें।

हमें अपने आहार में ऐसे खाद्य पदार्थों को शामिल करना है जिसमें विटामिन्स , जिंक , सेलेनियम, ओमेगा 3 फैटी एसिड आदि शामिल हों। रोज अपने खाने में सलाद को ज़रूर शामिल करें, साथ ही साथ नाश्ते में फल खाने से बेहतर और कुछ नहीं है।
ठीक है, तकनीकी रूप से, गाजर हमारी आंखों की रोशनी में सुधार करने में बहुत मदद करती है। गाजर व्यापार तकनीक क्या है विटामिन ए में समृद्ध हैं। विटामिन ए एक महत्वपूर्ण घटक है जो आंखों की रोशनी बनाए रखने के लिए आवश्यक है। हम इतने अधिक विटामिन ए पर निर्भर हैं कि विटामिन ए की कमी के कारण, नेपाल और भारत के कई कुपोषित बच्चों ने अपनी दृष्टि नाटकीय स्तर तक खो दी है।

इसके पीछे की कहानी
उस समय के दौरान, ब्रिटिश सेना अपने दुश्मनों को ऐसी क्रांतिकारी तकनीक पर अपना हाथ रखने देने का जोखिम नहीं उठा सकती थी। इसलिए, अपने नए-नवेले वायरलेस टोना को कवर करने के लिए, ब्रिटिश सेना ने अफवाह फैलाने के शानदार विचार के साथ कहा कि उनके सैनिकों ने अलौकिक दृष्टि विकसित की थी, जिसके परिणामस्वरूप असंभव का उपभोग करना

जानिए किस प्रकार गाजर हमारी आंखों की रोशनी में सुधार करने में बहुत मदद करती है

कोई फर्क नहीं पड़ता कि यह कितना मूर्खतापूर्ण लग सकता है, लोग फिर से, इस अफवाह पर विश्वास करते थे कि युद्ध के बाद कई वर्षों तक गुप्त अंत तक पता चला था। हालांकि, अपने दैनिक आहार में गाजर को शामिल करने से निश्चित रूप से आपको तीरंदाजी प्रतियोगिता जीतने में मदद मिलेगी, और आप अपने साथियों के बीच कुछ गंभीर डींग मारने के अधिकार अर्जित करेंगे।

सभी क्रेडिट और प्रशंसा ब्रिटिश सेना में जाते हैं जो गाजर की अफवाह फैलाते हैं जो अलौकिक दृष्टि से अपने सैनिकों को बढ़ाते हैं। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान, वायरलेस तकनीक में तेजी से प्रगति व्यापार तकनीक क्या है के कारण ब्रिटिशों के पास रडार तकनीक थी, जो रात के दौरान यूरोपीय आसमान में उड़ने वाले जर्मन हवाई जहाज का आसानी से पता लगा सकती थी। इसने उनकी रणनीति में क्रांति ला दी और जर्मन विमान से उतरने में उन्हें एक महत्वपूर्ण ऊपरी हाथ दिया।

अगर नई कार लेने का है प्लान तो… मार्केट में एक हफ्ते के अंदर एंट्री कर रही हैं ये तीन दमदार गाड़ियां

अगर नई कार लेने का है प्लान तो… मार्केट में एक हफ्ते के अंदर एंट्री कर रहीं ये तीन दमदार गाड़ियां

ऑटो डेस्क। अगर आप जल्द ही एक नई गाड़ी खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो आपको बता दें कि आने वाले हफ्ते में तीन नई गाड़ियां लॉन्च होने वाली हैं। इसमें दो एसयूवी और एक हाइब्रिड MPV कार शामिल हैं। आइये बताते हैं इन कारों की खुबियां।

Lamborghini Urus Performante

आगामी हफ्ते में सुपर लग्जरी कार लैंबोर्गिनी उरुस परफॉर्मेंट (Lamborghini Urus Performante) लॉन्च होने वाली है। इसे 24 नवंबर को लाया जा रहा है। बता दें कि यह एक अपडेटेड मॉडल है, जिसमें मौजूदा मॉडल की तुलना में 16bhp ज्यादा पावर मिलता है। कार में 4.0L ट्विन-टर्बो V8 इंजन शामिल किया गया है। जो 666bhp की पावर और 850Nm का टार्क जनरेट करने में सक्षम है। इसके अलावा इस कार में 306 किमी प्रति घंटे की टॉप स्पीड मिल सकती है।

PRAVAIG इलेक्ट्रिक एसयूवी

जी हां, अगले हफ्ते एक और इलेक्ट्रिक एसयूवी भी भारतीय बाजार में दस्तक देने वाली है। 25 नवंबर 2022 को इस एसयूवी को पेश किया जाएगा। कहा जा रहा है कि एक बार चार्ज करने पर यह इलेक्ट्रिक एसयूवी 504 किमी की रेंज और 200 किमी प्रति घंटे से अधिक की टॉप स्पीड प्रदान करेगी। वहीं, मॉडल 4.3 सेकंड में 0 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकता है। इसे बेंगलुरु स्थित स्टार्ट-अप ने बनाया है और इसमें 220V पावर आउटलेट देखने को मिलता है।

Toyota Innova HyCross Hybrid MPV

टोयोटा भी जल्द ही अपनी नई हाइब्रिड कार हाईक्रॉस को पेश करने वाली है। इसके ग्लोबल डेब्यू के लिए 25 नवंबर 2022 की तारीख रखी गई है। यह एक हाइब्रिड MPV है, जो 2.0 लीटर एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन के साथ उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही इसमें हाइब्रिड तकनीक को साथ रखा जा रहा है।

व्यापार से लाभ के प्रकार | गत्यात्मक प्रकार का लाभ | स्थैतिक प्रकार का लाभ | अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार के प्रावैगिक एवं स्थैतिक लाभ

व्यापार से लाभ पर प्रतिष्ठित अर्थशास्त्रियों ने भिन्न-भिन्न विचार किये हैं पर वे एक बात पर सहमत हैं कि व्यापार का मूल उद्देश्य लाभ की प्राप्ति है। व्यापार से लाभ का आशय शुद्ध लाभों या वस्तुओं की वृद्धि से है।

व्यापार से लाभ दो प्रकार के हैं जो निम्नलिखित हैं-

  • (I) गत्यात्मक प्रकार का लाभ (Dynamic Type of Gains)
  • (II) स्थैतिक प्रकार का लाभ (Static Types of Gains)

(I) गत्यात्मक लाभ ( Dynamic Gains)-

व्यापार में निम्नलिखित गत्यात्मक लाभ प्राप्त होते हैं-

  1. संसाधनों का कुशल प्रयोग (Efficient Employment of Resources)- अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार से प्रत्यक्ष गत्यात्मक लाभ यह है कि तुलनात्मक लाभ से विश्व के उत्पादकीय संसाधनों का अधिक कुशल प्रयोग होता है।
  2. अन्य क्रियाओं का विकास (Development of Other Activities)- जब एक देश निर्यात के लिए वस्तुयें उत्पादित करना तथा घरेलू उपभोग के लिए आयात करना प्रारम्भ करता है तो अन्य आर्थिक क्रियाओं का विकास होता है, विद्युत, सड़कों, फ्लाईओवर पुलों आदि बुनियादी सुविधाओं का निर्माण होता है। प्राथमिक क्षेत्र कच्चे माल के लिए घरेलू प्रयोग एवं निर्यात के लिए व्यावसायिक क्षेत्र में विकसित हो जाता है। बैंक, इंश्योरेंस, संचार आदि के रूप में तृतीयक क्षेत्र विकसित होता है।
  3. बाजार का विस्तार (Expansion of Market)- व्यापार से मुख्य परोक्ष गत्यात्मक लाभ बाजार के विस्तार का है। विशिष्टीकरण का क्षेत्र और बाजार के आकार का विस्तार करने से अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार से मशीनों का अधिक प्रयोग होता है, खोजों और नवप्रवर्तनों को प्रोत्साहन मिलता है, श्रम उत्पादकता में वृद्धि होती है, लागतें कम होती है तथा विकास तीव्र गति से होता है।
  4. निवेश में वृद्धि (Increase in Investment)- विदेशी व्यापार विभिन्न प्रकार की वस्तुओं को एकत्र करने और उत्पादन की नई इकाइयाँ स्थापित करने को प्रोत्साहित करता है। पूरक एवं सहायक इकाइयाँ स्थापित हो जाती है। निर्यात के लिए उत्पादन की अन्य क्रियाओं (ऊपर वर्णित) के विकास में पश्चगामी (Backward) एवं अग्रगामी (व्यापार तकनीक क्या है Forward) श्रृंखलायें (Linkages) लाता है। ये सभी देश में स्वायत्त तथा प्रेरित निवेशों में वृद्धि लाते हैं।

(II) स्थैतिक लाभ ( Static Gains)-

व्यापार से स्थैतिक लाभ निम्नलिखित हैं-

  1. राष्ट्रीय आय में वृद्धि (Increase in National Income)- जब एक देश व्यापार में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर विशिष्टीकरण और वस्तुओं के विनिमय से लाभ उठाता है तो उससे राष्ट्रीय आय में वृद्धि होती है तथा इसके फलस्वरूप उत्पादन के स्तर तथा अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर में भी तीव्र गति से वृद्धि होती है।
  2. उत्पादन का अधिकतम होना (Maximisation of Production)- प्रतिष्ठित अर्थशास्त्रियों के अनुसार, व्यापार से लाभ राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तरों पर श्रम विभाजन और विशिष्टीकरण के लाभों के कारण होते हैं। एक देश में संसाधन और प्रौद्योगिकी दिये होने पर, व्यापार और तुलनात्मक लाभ के आधार पर उत्पादन में विशिष्टीकरण प्रत्येक देश को अपनी वस्तुयें दूसरे देश की वस्तुओं के साथ विनिमय करने की क्षमता प्रदान करता है। इस प्रकार, यह व्यापार के बिना की तुलना में व्यापार से अधिक लाभ प्राप्त करता है। प्रत्येक देश कम लागत से उत्पादित वस्तुओं को आयात करता है और अपनी अन्य सस्ती उत्पादित वस्तुओं का निर्यात करता है। इस प्रकार, दोनों देश अपने उत्पादन को अधिकतम करते हैं।
  3. अतिरेक का निर्गम (Vent for Surplus)- व्यापार से लाभ एक देश में अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार से पूर्व भूमि, श्रम एवं संसाधनों के निष्क्रिय पाये जाने से भी होते हैं। अन्तर्राष्ट्रीय बाजारों में शामिल होने से इसके संसाधनों का प्रयोग वस्तुओं के अतिरेक को उत्पादित करने में प्रयोग होता है जो अन्यथा बिना बेंचे रह जायेगी। यह एडम स्मिथ का व्यापार से अतिरेक का निर्गम कहलाता है।
  4. कल्याण में वृद्धि (Increase in Welfare)- अन्तर्राष्ट्रीय श्रम विभाजन और विशिष्टीकरण के परिणामस्वरूप व्यापार करने वाले दो देशों के बीच वस्तुओं के उत्पादन में वृद्धि होती है इससे वस्तुओं के उपभोग में बढ़ोत्तरी होती है तथा व्यक्तियों के कल्याण में वृद्धि होती है।

स्पष्ट है कि दोनों प्रकारों के लाभों का उद्देश्य अधिकतम लाभ की प्राप्ति है। इन प्रक्रियाओं से अंतरराष्ट्रीय व्यापार में वृद्धि होती है।

अर्थशास्त्र महत्वपूर्ण लिंक

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व्यापार तकनीक क्या है

उत्तर- कच्चे माल को मूल्यवान उत्पाद में परिवर्तित कर अधिक मात्रा में वस्तुओं के उत्पादन को विनिर्माण या वस्तु निर्माण कहते हैं। विनिर्माण के अंतर्गत हस्तकला से लेकर उच्च तकनीक तक बहुत सी मानवीय गतिविधियां आ जाती हैं किंतु इस का उपयोग प्रायः औद्योगिक उत्पादन के अर्थ में किया जाता है, जिसमें कच्चा माल बड़े पैमाने पर तैयार माल में बदला जाता है। विनिर्माण से तैयार माल उपभोक्ताओं द्वारा उपयोग किया जाता है। विनिर्माण क्षेत्र रोजगार सृर्जन को बढ़ावा देने में काफी हद तक सफल रहा है विनिर्माण क्षेत्र किसी भी अर्थव्यवस्था का की संपन्नता का जनक होता है।

प्रश्न 6. शिक्षा के क्षेत्र में आई.सी.टी. की क्या भूमिका है?
उत्तर- शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए आई.सी.टी. (ICT) योजना को शुरू किया गया। इसके अंतर्गत छात्रों को मुख्यतः अपनी आई.सी.टी. (ICT) कौशल क्षमता बढ़ाने और कंप्यूटर सहायक शिक्षण प्रक्रिया के माध्यम से सीखने के अवसर प्राप्त हुए। यह योजना छात्रों के विभिन्न सामाजिक, आर्थिक, डिजिटल डिवाइस और अन्य भौगोलिक अवरोधों को पार करने का सेतु है।
शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए विशिष्ट शिक्षकों की नियुक्त की गयी, जो आई.सी.टी. केंद्रित शिक्षा देने में समर्थ हों। यह शिक्षा के क्षेत्र में सहायक सामग्री के रूप में एक नयी क्रांति है जो बच्चों को खुशनुमा वातावरण एवं मनोरंजक तरीके से शिक्षा प्राप्त करने एवं विषय के प्रति भय को दूर करने में सहायक सिद्ध हो रही है। शैक्षिक अवसरों को विस्तृत करने, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय विकास एवं शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए आई.सी.टी. एक प्रभावशाली साधन है। आई.सी.टी. के अंतर्गत स्मार्ट स्कूलों एवं ई-किताबों के प्रयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।

प्रश्न 7. ई गवर्नेंस क्या है?
उत्तर- सरकार की आम नागरिकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं को इंटरनेट के माध्यम से उपलब्ध कराना ई-गवर्नेंस या ई-शासन कहलाता है। इसके अंतर्गत शासकीय सेवाएं और सूचनाएं ऑनलाइन उपलब्ध होती हैं। यह अच्छे शासन का पर्याय बनता जा रहा है। ई शासन के उपयोग से शासन प्रणाली अधिक पारदर्शी, कुशल तथा जवाबदेह बनाई जा सकती है।

प्रश्न 8. ई गवर्नेंस की आम जीवन में क्या उपलब्धियां हैं?
उत्तर- ई गवर्नेंस के उपयोग से शासन प्रणाली अधिक पारदर्शी कुशल तथा जवाबदेह बनाई जा सकती है। इसके अंतर्गत शासन संबंधी सभी सूचनाओं को इंटरनेट पर उपलब्ध करा दिया जाता है। विद्यालय में दाखिला हो, बिल भरना हो या आय-जाति प्रमाण पत्र बनवाना हो, सभी मूलभूत सुविधाएं हिंदी में भी उपलब्ध हैं।

प्रश्न 9. व्यापार एवं वाणिज्य के क्षेत्र में ई-कामर्स की क्या भूमिका रही?
उत्तर- नवीनतम तकनीक के अंतर्गत व्यापार एवं वाणिज्य ई-व्यवसाय/ई-कॉमर्स के रूप में प्रचलित है। यह इंटरनेट के माध्यम से व्यापार का संचालन है। इसके अंतर्गत न केवल खरीदना और बेचना बल्कि ग्राहकों के लिए सेवाएं और व्यापार के भागीदारों के साथ सहयोग भी शामिल है। इंटरनेट के माध्यम से व्यापार से संबंधित उत्पादों का प्रचार-प्रसार भी किया जाता है। ई-वाणिज्य में मोबाइल कॉमर्स, इलेक्ट्रॉनिक धन हस्तांतरण, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन, इंटरनेट विपणन, ऑनलाइन लेनदेन प्रसंस्करण, सूची प्रबंधन प्रणाली आदि प्रौद्योगिक सेवाएं हैं। फ्लिपकार्ट, स्नैपडील, अमेजन आदि ई-कामर्स कंपनियां आम जनजीवन में काफी प्रचलित हैं एवं अच्छा व्यवसाय कर रही हैं।


* वैधानिक चेतावनी एवं सुझाव- प्रश्नों के उत्तर लिखने में यथा संभव सावधानी रखी गयी है फिर भी यदि कोई त्रुटि रह गयी हो तो अपनी पाठ्य पुस्तक का अवलोकन करें।

मुक्त व्यापार सन्धि | Free trade agreement in Hindi (FTA)

मुक्त व्यापार संधि के सम्बन्ध में प्रायः कहा जाता है कि यह सभी के लिए लाभदायक है, लेकिन यदि इसके इतिहास से कुछ सबक लें तो हम यह पाते हैं कि मुक्त व्यापार संधियाँ भी हाथी के दाँत की तरह दिखाने के और खाने के कुछ और जैसी ही हैं। आज अमेरिका मुक्त व्यापार संधियों से स्वयं को मुक्त कर रहा, जो कभी मुक्त बाजारों का झंडाबरदार माना जाता था। हाल के घटनाक्रमों से यह जाहिर है कि भारत आरसीईपी पर वार्ता को आगे बढ़ाने को लेकर प्रतिबद्ध नजर आ रहा है। ऐसे में यह उपयुक्त समय है मुक्त व्यापार संधि के सिद्धान्तों और उनकी वास्तविकता में अन्तर करने का।

क्या है मुक्त व्यापार संधि (Free trade agreement-FTA)-

  1. मुक्त व्यापार संधि का प्रयोग व्यापार को सरल बनाने के लिए किया जाता है। एफटीए के तहत दो देशों के बीच आयात-निर्यात के तहत उत्पादों पर सीमा शुल्क, नियामक कानून,सब्सिडी और कोटा आदि को सरल बनाया जाता है।
  2. इसका एक बड़ा लाभ यह होता है कि जिन दो देशों के बीच में यह संधि की जाती है, उनकी उत्पादन लागत बाकी देशों के मुकाबले सस्ती हो जाती है। इसके लाभ को देखते हुए दुनिया भर के बहुत से देश आपस में मुक्त व्यापार संधि कर रहे हैं।
  3. इससे व्यापार को बढ़ाने में मदद मिलती है और अर्थव्यवस्था को गति मिलती है। इससे वैश्विक व्यापार को बढ़ाने में भी मदद मिलती रही है। हालांकि कुछ कारणों के चलते इस मुक्त व्यापार का विरोध भी किया जाता रहा है।

एफटीए से सम्बन्धित वैश्विक अनुभव-

  1. ऐसे देश जो वस्तु एवं सेवाओं के क्षेत्र में विशेषज्ञ हैं, वे एफटीए के जरिये तुलनात्मक रूप से अधिक लाभ कमा सकते हैं। फिर भी एफटीए के माध्यम से हर कोई लाभ कमाता है, लेकिन आज एफटीए की प्रचलित अवधारणा और वास्तविकता के बीच टकराव देखने को मिल रहा है।
  2. विदित हो कि उत्तर अमेरिकी मुक्त व्यापार समझौता, जिसे 1994 में लागू किया गया था, मैक्सिको को निर्यात के कारण 200,000 नई नौकरियाँ पैदा करने वाला था, लेकिन 2010 तक अमेरिका की मैक्सिको के साथ व्यापार घाटे में बढ़ोत्तरी हुई और लगभग 700,000 रोजगार समाप्त हो गए।
  3. 2010 में अमल में लाये गए यूएस कोरिया मुक्त व्यापार समझौते का उद्देश्य अमेरिकी निर्यात और नौकरियों में वृद्धि करना था, लेकिन तीन साल बाद व्यापार घाटा और बढ़ गया।
  4. उल्लेखनीय है कि वैश्वीकरण, आउटसोर्सिंग, भारत एवं चीन के उदय और कम लागत वाले श्रम बाजारों को इन परिस्थितियों का जिम्मेदार ठहराया गया।

भारत और एफटीए-

  1. यद्यपि भारत 1947 से ही गेट (टैरिफ और व्यापार पर सामान्य समझौता) का एक संस्थापक सदस्य था, जो अंततः 1995 में विश्व व्यापार संगठन में बदल गया था, लेकिन भारत 1991 के आर्थिक उदारीकरण के बाद एफटीए को लेकर गम्भीर नजर आया। इसका प्रभाव यह हुआ कि भारत का व्यापार-जीडीपी अनुपात उल्लेखनीय स्तर पर पहुंचा।
  2. दरअसल, दोहा दौर की वार्ताओं में अन्तहीन देरी के कारण ऐसी परिस्थितियाँ बनी कि भारत द्वविपक्षीय और क्षेत्रीय मुक्त व्यापार समझौतों के सम्बन्ध में स्वयं के स्तर से आगे बढ़ने की कोशिश करने लगा।
  3. इसी क्रम में यह एक मेगा मुक्त व्यापार समझौता क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदार (Regional Comprehensive Economic Partnership-RCEP) को लेकर गम्भीर नजर आ रहा है। यह तकनीकी स्तर पर आरसीईपी व्यापार वार्ता समिति की बैठक का 19वाँ दौर है।
  4. विदित हो कि आरसीईपी में एशिया-प्रशांत क्षेत्र के 16 देश शामिल हैं। इसका उद्देश्य व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए इसके सदस्य देशों के बीच व्यापार नियमों को उदार एवं सरल बनाना है।

किन बातों का रखना होगा ध्यान?

  1. भारत ने हमेशा व्यापार को उदार बनाने के लिए बहुपक्षीय दृष्टिकोण का समर्थन किया है, लेकिन यहाँ कुछ बातें ध्यान देने योग्य हैं।
  2. पिछले 10 वर्षों में जिन देशों का भारत के साथ क्षेत्रीय व्यापारिक संधि यानी आरटीए थी और जिनके साथ यह संधि नहीं थी, दोनों ही परिस्थितियों में भारत का निर्यात समान दर से बढ़ा है।
  3. दरअसल, यह तथ्य सामने आया है कि आरटीए के अन्तर्गत टैरिफ में कमी लाने से निर्यात में उतनी वृद्धि नहीं होती है, जितनी कि गंतव्य देशों की आय में वृद्धि से होती है।
  4. विदित हो कि पाँच में से केवल एक निर्यातक ही आरटीए मार्ग का उपयोग करता है, लेकिन इससे भी बड़ी बात यह है कि सम्बन्धित आसियान देशों, कोरिया और जापान के साथ भारत का व्यापार घाटा सम्बन्धित एफटीए पर हस्ताक्षर करने के बाद से दोगुना हो गया है।

क्या हो आगे व्यापार तकनीक क्या है व्यापार तकनीक क्या है का रास्ता?

  1. दरअसल, इसमें कोई शक नहीं है कि एफटीए, सिद्धान्त की दृष्टि से एक उद्देश्यपूर्ण आर्थिक नीति है, लेकिन क्या यह व्यवहार में भी उतनी ही लाभदायक है? इस पर बहस की जा सकती है। इसलिए भारत को सोच समझकर आगे कदम बढ़ाना चाहिए।
  2. ध्यातव्य है कि आरसीईपी को लेकर हैदराबाद में जारी वार्ता का देश भर के कई समूहों द्वारा विरोध किया जा रहा है। हालांकि, वार्ता में शामिल भारतीय टीम भारत के हितों की रक्षा कर सकती है और यह सुनिश्चित कर सकती है कि यह एफटीए भारत के लिये अनुचित न हो।

निष्कर्ष-

यह दिलचस्प है कि वर्ष 2004 में प्रमुख अर्थशास्त्री पॉल सैमुअलसन ने कहा था कि ‘मुक्त व्यापार वास्तव में श्रमिकों के लिये बदतर हालत पैदाकर सकता है। लेकिन मुक्त व्यापार के आक्रामक तरफ तारों ने इस पर ठंडी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बूढ़े आदमी ने अपना विवेक खो दिया है। लेकिन,आज उस बूढ़े व्यक्ति की चेतावनी के प्रति दुनिया सचेत नजर आ रही है।

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