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Stock Market में ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती है

Stock Market में ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती है
Income Tax on Share Market Earning: जानिए शेयर बाजार से हुई कमाई पर कैसे लगता है इनकम टैक्स, समझ लेंगे तो होगा फायदा ही फायदा!

कम जोखिम में ज्यादा फायदा पाने का आसान तरीका है ऑप्शन ट्रेडिंग से निवेश, ले सकते हैं बीमा

यूटिलिटी डेस्क. हेजिंग की सुविधा पाते हुए अगर आप मार्केट में इनवेस्टमेंट करना चाहते हैं तो फ्यूचर ट्रेडिंग के मुकाबले ऑप्शन ट्रेडिंग सही चुनाव होगा। ऑप्शन में ट्रेड करने पर आपको शेयर का पूरा मूल्य दिए बिना शेयर के मूल्य से लाभ उठाने का मौका मिलता है। ऑप्शन में ट्रेड करने पर आप पूर्ण रूप से शेयर खरीदने के लिए आवश्यक पैसों की तुलना में बेहद कम पैसों से स्टॉक के शेयर पर सीमित नियंत्रण पा सकते हैं।

Trading vs Investment में क्या फर्क है इन हिंदी ?|Difference Between Trading & Investment In Hindi.

Difference Between Trading And Investment In Hindi : Quickguruji के आज के आर्टिकल में हम Trading vs Investment में क्या फर्क होता है ? इस के उपर बात करेंगे.

जो लोग स्टॉक मार्केट के फील्ड में अपना नया कदम रखते है,तो ये दो शब्द वो काफी बार सुनते है.इसलिए आज इन्ही दो शब्द के बारे में डिटेल में चर्चा करेंगे.तो चलिए शुरू करते है.

Table of Contents

Introduction

अगर आप Stock market में इंटरेस्ट रखते हो या Stock Market में ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती है Stock market सिखना चाहते हो,तो Investment और Trading के बारे में अपको मालूम होना चाहिए.

बहुत सारे लोगों को Trading और Inveatment का मतलब एक ही लगता है,मगर ऐसा नहीं है,दोनों में काफी फर्क है.तो आज की आर्टिकल में हम इन्हीं दोनों के फर्क को समझने वाले हैं.

What Is Trading In Hindi ?(Trading किसे Stock Market में ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती है कहते है ?)

Difference Between Trading and Investment

Stock market में आप Trading से बहुत ज्यादा पैसा कमा सकते हो.क्युकी यहां Profit कमाने की कोई limit नहीं है.

लेकिन एक बात याद रखना Trading में बहुत ज्यादा risk होता है.Trading में आप शेयर को Short Term के लिए Buy करते हो.

Short Term के लिए Buy करना मतलब 1 साल या 1 साल से कम टाइम तक अपने पास वो शेयर Hold करके रखना.अब उस शेयर को Trader अपने पास,

  • 1 Min के लिए,
  • 1 week के लिए,
  • एक महिन के लिए,
  • 6 महिने के लिए,
  • या ज्यादा से ज्यादा एक साल के लिए अपने पास hold करके रख सकता है.

जो लोग स्टॉक मार्केट में Trading करते है उन्हें Trader कहां जाता है.

ये जो बड़े बड़े Trader होते है,वो Trading करते time सिर्फ company के stock price के pattern को analysis करके उन्हें buy or sell करते है.

यहां Trader को किसी company की पूरी कुंडली निकालने की जरूरत नहीं होती. क्योंकि Trading करते time हर मिनट हर सेकंड में price चेंज होता रहता है,इसलिए यह stock price के पैटर्न और वॉल्यूम का analysis किया जाता है.

Types Of Trading In Hindi (Trading के प्रकार)

मैने आपको उपर पहिले ही कहा था,की Trading एक Short Term Investment होती है.इसलिए,

Scalp Trading

अगर कोई Trader कुछ मिनिट के लिए Share को Buy करके अपने पास रखेगा और उसे बाद में तुरंत Sell कर देगा तो उसे Scalp trading कहा जायेगा.

Intraday Trading

वहीं अगर कोई Trader सिर्फ एक दिन के लिए shares को Buy और Sell करेगा,तो उसे Intraday trading कहा जायेगा.

Swing Trading

Trader अगर कुछ दिनों के लिए,या कुछ हफ्तों के लिए Shares को Hold पे रखता है और बाद में उसे sell करता है, तो उसे Swing Trading कहेंगे.

Position Trading

अगर कोई Trader किसी Shares को कुछ महीने के लिए अपने पास Hold करके रखता है,तो उसे Position Trading कहेंगे.

क्या Trading से रेगुलर Income कमाई जा सकता है ?

तो इसका जवाब है हा,लेकिन इसके लिए आपके अंदर कई सारी क्वालिटी होनी चाहिए.जैसे की,

  • Trading से पैसे कमाने के लिए कई सारे shares को खरीदना पड़ता है,इसलिए आपके पास बहुत ज्यादा पैसा होना चाहिए.
  • जरूरी नहीं कि अपको पहिले बार में सफलता मिले,सुरु सुरु में अपको loss भी हो सकता है.लेकिन आपके पास Patience होना चाहिए.
  • यहां अपको अच्छी खासी Practice और सीखते रहने की चाह होनी चाहिए.
  • Trading से अच्छे खासे पैसे कमाने के लिए आपके पास Technical Analysis की भी अच्छी खासी knowlege होनी चाहिए.

अगर ये सारी क्वालिटी आपके पास है,तो आप Trading करके इनकम कमा सकता है .

What Is Investment?(Investment किसे कहते है ?)

Difference Between Trading & Investment In Hindi.

Investment जो है वो long term के लिए की जाती है, यहा Shares को long term के लिए hold किया जाता है.Long Term मतलब 1 साल से ज्यादा टाइम के लिए.

जो लोग Investment करते है,उन्हें Investor कहा जाता है.ये जो investor होते है,वो Smart Work करते है,वो Buy-hold-sell Approach को use करते है .

Buy-hold-sell मतलब किसी कंपनी के Shares को Purchase करना ,सालो तक उसे Hold पर रखना और opportunity देख कर उसे market में sell करना.

जैसे Trader का फोकस Technical Analysis के उपर होता है,उसी तरह Investor का focus Fundamental Analysis पर रहता है.

जब कोई Investor कंपनी के Fundamental Analysis करते है,तब उन्हें कंपनी के बारे एक Idea मिल जाती है,की Future में ये कंपनी कहा तक Growth कर सकती है.

Types Of Investing (Investing के प्रकार.)

Value Investing

Value investing का focus,future में जो industry ज्यादा develope होगी उसे पहचाना और उस में invest करना होता है.

Growth Stock Market में ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती है Investing

Growth investing का मकसत उन कंपनियों में invest करना होता है ,जो fundamentally काफी strong होती है.और जिनका मार्केट में नाम हो.

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FAQ |सवाल जवाब

ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट से रिलेटेड गूगल पर पूछे जाने वाले कुछ फेमस सवाल और उनके जवाब.

ट्रेडिंग कितने प्रकार के होते हैं?

ट्रेडिंग के कई सारे टाइप है, लेकिन शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म ये दो ट्रेडिंग के मुख्य टाइप है.

Trading क्या होता है ?

जब शेयर मार्केट में से आप कोई शेयर खरीदते हो,और उसे 1 साल के अंदर बेच देते हो,तो उसे ट्रेडिंग बोला जाता है.

इन्वेस्टमेंट किसे बोला जाता है ?

जब शेयर मार्केट में से आप कोई शेयर खरीदते हो,और उसे 1 साल के लंबे गैप के बाद बेच देते हो,तो उसे इन्वेस्टमेंट बोला जाता है.

आखरी शब्द

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3907% का छप्परफाड़ रिटर्न देने के बाद 54% टूट गया यह शेयर, निवेशक कंगाल, सप्ताहभर से बंद है ट्रेडिंग

आज हम जिस शेयर के बारे में बता रहे हैं उसने पिछले एक साल में अपने निवेशकों को मालामाल किया है। लेकिन पिछले छह महीने से यह शेयर लगातार गिरते जा रहा है जिससे कि अब तक निवेशकों को 54% का नुकसान हो गया।

3907% का छप्परफाड़ रिटर्न देने के बाद 54% टूट गया यह शेयर, निवेशक कंगाल, सप्ताहभर से बंद है ट्रेडिंग

Multibagger Stock: आज हम जिस शेयर के बारे में बता रहे हैं उसने पिछले एक साल में अपने निवेशकों को मालामाल किया है। लेकिन पिछले छह महीने से यह शेयर लगातार गिरते जा रहा है जिससे कि अब तक निवेशकों को 54% का नुकसान हो गया। वर्तमान में शेयर की बीएसई-एनइसई (BSE-NSE) पर ट्रेडिंग बंद (Trading closed) कर दी गई है। पिछले एक सप्ताह से इसकी ट्रेडिंग नहीं हो रही है। हम बात कर रहे हैं एसईएल मैन्युफैक्चरिंग कंपनी लिमिटेड ( Sel Manufacturing Company Ltd) के शेयरों की। इस मल्टीबैगर स्टॉक (Multibagger stock) में पैसे लगाने वाले पिछले 6 महीने में ही कंगाल हो गए हैं। उन शेयरहोल्डर्स को तगड़ा नुकसान हुआ है, जिन्होंने अब तक इसमें अपने निवेश को बनाए रखा है।

₹1157 से टूटकर ₹540.95 पर आ गया भाव
SEL Manufacturing Company Ltd के शेयर 6 महीने पहले एनएसई पर ₹1157 रुपये (27 मई 2022 का बंद भाव) से घटकर 540.95 रुपये पर आ गया है। बता दें कि 21 नवंबर से इसकी ट्रेडिंग भी बंद है। पिछले छह महीने में ही इसने लगभग 54% का नुकसान कराया है। 6 महीने पहले अगर किसी निवेशक ने इस शेयर में एक लाख रुपये लगाए होते तो आज यह रकम घटकर 46 हजार रुपये रह जाती।

पिछले एक साल का ताबड़तोड़ रिटर्न
हालांकि, इस शेयर ने इस साल YTD में Stock Market में ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती है अब तक 1,118.36%का रिटर्न दिया है। वहीं, पिछले एक साल में यह 3,907.04% चढ़ा है। पिछले साल इसकी कीमत मात्र 13.50 रुपये थी। यानी पैसे लगाने वालों को 40 लाख रुपये से ज्यादा का Stock Market में ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती है मुनाफा हुआ है। लेकिन पिछले कई सत्रों से यह शेयर लगातार गिर रहा था। बता दें कि कंपनी लगातार नुकसान में चल रही थी।

कंपनी का कारोबार
SEL Manufacturing Company एक टेक्‍सटाइल कंपनी है। यह कंपनी मैन्‍युफैक्‍चर‍िंग, प्रोसेस‍िंग के अलावा रेडीमेड गारमेंट्स और व‍िभ‍िन्‍न प्रकार की टॉवल का तैयार करती है।

Income Tax on Share Market Earning: जानिए शेयर बाजार से हुई कमाई पर कैसे लगता है इनकम टैक्स, समझ लेंगे तो होगा फायदा ही फायदा!

Income Tax on Share Market Earning: शेयर बाजार से हुई कमाई (Share Market Earning) के साथ-साथ उस पर लगने वाले इनकम टैक्स (Income Tax) की जानकारी होना भी जरूरी है। अलग-अलग तरह की कमाई पर अलग-अलग दर से टैक्स (Taxation on Share Market Earning) लगता है। अगर आप शेयर बाजार से हुई कमाई पर इनकम टैक्स का सही कैल्कुलेशन (Income Tax Calculation on Stock Market में ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती है Share Market Earning) नहीं कर पाएंगे, तो आपको नुकसान हो सकता है। आइए जानते हैं शेयर बाजार से हुई कमाई पर कैसे और कितना लगता है टैक्स।

how taxation done on earnings from share market, see how much income tax you have to pay

Income Tax on Share Market Earning: जानिए शेयर बाजार से हुई कमाई पर कैसे लगता है इनकम टैक्स, समझ लेंगे तो होगा फायदा ही फायदा!

इंट्रा-डे और फ्यूचर-ऑप्शन ट्रेडिंग से हुई कमाई पर टैक्स

शेयर बाजार में अगर आप एक ही दिन में शेयर खरीद कर उसी दिन शाम तक बेच देते हैं तो इसे इंट्रा-डे ट्रेडिंग कहा जाता है। इस तरह से हुई कमाई को स्पेक्युलेटिव बिजनस इनकम कहा जाता है। वहीं फ्यूचर और ऑप्शन ट्रेडिंग से हुई कमाई को नॉन-स्पेक्युलेटिव बिजनस इनकम कहा जाता है। इंट्रा-डे और फ्यूचर-ऑप्शन ट्रेडिंग से हुई कमाई पर आपको टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स देना होता है। यानी 2.5 लाख रुपये तक की कुल कमाई पर कोई टैक्स नहीं लगेगा, उसके ऊपर टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगेगा।

शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन पर टैक्स

अगर आप शेयर बाजार में 1 साल से कम और 1 दिन से अधिक के लिए शेयर खरीदते हैं तो इससे हुए कमाई शॉर्ट टर्म कैपिल गेन कहलाती है। शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन पर आपको फ्लैट 15 फीसदी टैक्स देना होता है। हालांकि, अगर आपकी कुल कमाई 2.5 लाख रुपये तक ही है, तो आपको कोई टैक्स नहीं चुकाना होता है। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ेगा कि आप कौन से टैक्स स्लैब में आते हैं।

लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर टैक्स

अगर शेयर बाजार में आप 1 साल से अधिक की अवधि के लिए शेयर खरीदते हैं तो 1 साल बाद उसे बेचने से हुई कमाई लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन कहलाती है। लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर 1 लाख रुपये तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं लगता है, जबकि उससे अधिक की कमाई पर फ्लैट 10 फीसदी का टैक्स लगता है। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप किस टैक्स स्लैब में आते हैं। हालांकि, अगर आपकी कुल कमाई 2.5 लाख रुपये तक ही है, तो आपको कोई टैक्स नहीं चुकाना होता है।

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