बाजार अवलोकन

क्या ट्रेडर बनना आसान है

क्या ट्रेडर बनना आसान है

ट्रेडिंग क्या है ( Trading meaning in Hindi )

Trading in Hindi: अक्सर आप विज्ञापन या लोगो के द्वारा ट्रेडिंग , इन्वेस्टमेंट जैसे शब्द सुनते हैं और इनके माध्यम से पैसे कमाना और अमीर बनना आदि बातों को सुनकर किसी Trading App या Company में ट्रेडिंग करना शुरू कर देते हैं.

अगर आप नहीं जानते हैं की ट्रेडिंग क्या है और ट्रेडिंग से पैसे कैसे कमाते हैं तो आज आप इस लेख में ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट से जुड़ी सारी जानकारी पढ़ेंगे जैसे ट्रेडिंग क्या है और यह कैसे होती , इसमें पैसे लगाए या नहीं आदि।

आसान शब्दों में ट्रेडिंग का मीनिंग व्यापर होता है जैसे किसी वस्तु को खरीदकर बेचना और मुनाफा कमाना और इसी तरह से Stock Trading भी है।

What is Trading in Hindi

साधारण भाषा में वस्तुओं की खरीद और बिक्री को ट्रेडिंग यानी व्यापार कहा जाता है। इसी तरह शेयर बाजार में सिक्योरिटी को ख़रीदा अथवा बेचा जाता है जैसे Stock , bonds , currencies and commodities ( Oil , Gold ) .

जैसे हमने किसी कंपनी का स्टॉक ख़रीदा या मुद्रा और गुड्स में निवेश किया और फिर दाम बढ़ने पर इनको बेच दिया , इसी टर्म को ट्रेडिंग कहते हैं। ध्यान रहें ट्रेडिंग में आपको loss/profit दोनों हो सकता है मार्केट के घटने या बढ़ने पर।

Stock Market में ट्रेडिंग करने के लिए आपका Demat Account होना जरूरी है और इसी अकाउंट से आप शेयर खरीद या बेच सकते हैं।

Demat Account हमेशा एक अच्छे Broker से खुलवाएं जिससे आपको hidden charge और extra charge ना देना पड़े। Account verified होने के बाद आप Stock , IPO , ( F&O ) , Mutual Funds में ट्रेड कर सकते हैं.

Types of Trading

Share Market में तीन तरह से ट्रेडिंग की जाती है :

  • Intraday Trading
  • Positional Trading
  • Swing Trading

Intraday Trading: इसे Day Trading भी कहा जाता है क्योंकि इसमें एक ही दिन शेयर को ख़रीदा या बेचा जाता है. भारतीय शेयर बाजार सुबह 9:15 am पर खुलता है और शाम के 3:30 pm पर बंद होता है.

और Intraday Trading में इसी अवधि के बीच शेयर की खरीद बिक्री होती है. इस तरह की ट्रेडिंग कम समय में ज्यादा लाभ कमाने के लिए की जाती है लेकिन कभी कभी इसका उल्टा भी होता है।

Positional Trading: अगर आप कोई शेयर खरीदते हैं और उसको एक ही दिन बेचने के बजाय एक हफ्ते या जब आपका मन हो तब बेचे , इसे Positional Trading कहा जाता है और इसके लिए आपको Share खरीदते वक्त Delivery चुनना पड़ता है.

Swing Trading: इसमें trader शेयर को एक हफ्ते से लेकर चार हफ्ते तक होल्ड करता है और शेयर में होने वाले up का फायदा उठाता है. इसमें entry और exit point को ध्यान में रखकर ट्रेडिंग करना होता है.

ट्रेडिंग कैसे शुरू करें How to start Trading in Hindi

आजकल ट्रेडिंग करने के लिए कई सारे App उपलब्ध है जैसे expert option , IQ Option , Olymp Trade , Binomo Trading App etc. लेकिन अगर आपको एक सफल ट्रेडर बनना है तो आपको Share Market में ट्रेडिंग करना चाहिए।

इसके लिए सबसे पहले आपको किसी Broker के माध्यम से Demat Account खुलवाना है और उस Demat Account में आपको अपने Bank Account से Money Add करके ट्रेडिंग करनी है.

शेयर बाजार में आप दो तरह से ट्रेडिंग कर सकते हैं पहला Stocks को sell/buy कर सकते है दूसरा आप Future And Options ( F&O ) में ट्रेडिंग कर सकते हैं. Future and Options को Derivative trading कहा जाता हैं।

चूकि F&O में Trade करना High Risk हो सकता हैं इसलिए आपको पहले Stocks में Trading करके बाजार को समझना है। बाजार में निवेश की शुरआत से पहले आपको Market को अच्छे से विश्लेषण करना है ताकि आपका पैसा सुरक्षित रहें।

इसके लिए आपको Moneycontrol , Economictimes आदि से रेगुलर news और update प्राप्त करना है साथ ही बाजार के Movements को समझना है.

Demat Account कैसे ओपन करें

तो यह सब करने के बाद हम आ जाते हैं अपने Demat Account पर। Account Opening के लिए आपको एक अच्छे और low brokerage वाले broker को चुनना है जिसका कोई hidden charge ना हो।

Account Opening के लिए आपके पास Aadhaar Card , Pan Card , 6 Month की Bank Statement होनी चाहिए 10,000 रुपये की क्लोजिंग के साथ ( F&O में Trade के लिए ). नीचे कुछ पॉपुलर Broker के नाम दिए गए हैं जिनसे आप Account खुलवा सकते हैं –

Upstox , Groww , Paytm Money , Zerodha , Kotak Securities , Angel One , Samco Trading , HDFC Securities

लेकिन अगर आप beginner हैं stock market में तो आपको Groww से Demat Account खुलवाना चाहिए क्योंकि इसका Dashboard समझना काफी आसान है और इसमें कोई hidden charge नहीं है और इसके करीब 40 million users हैं.

नीचे Groww Android App का लिंक दिया हुआ है जिस पर क्लिक करके आप डाउनलोड कर सकते हैं. इसके साथ ही यह iOS पर भी उपलब्ध है।

इस लेख को अच्छे से समझने के लिए शेयर बाजार के ऊपर यह जानकारी जरूर करें –

Option Trading in hindi

Option Trading एक ऐसा सिस्टम है शेयर मार्किट में जिससे 1000 से भी 10,000 या उससे ज्यादा भी कमा सकते हैं सिर्फ एक दिन या कुछ ही घंटों में. अगर आप Stop Loss लगाकर ट्रेडिंग करते हैं तो Loss आपका limited ही रहेगा लेकिन Profit की इसमें कोई लिमिट है.

जैसा की हमने ऊपर जाना था Option Trading में High Risk होता है लेकिन फिर भी अगर आप मार्किट की अच्छी समझ रखते हैं और risk management करना जानते हैं इस Stock Market की इस segment में Profit की कोई सीमा नहीं है।

इसमें NSE ( National Stock Exchange ) की Indexes जैसे NIFTY 50 , NIFTY BANK , NIFTY MID CAP आदि में इनकी Price पर पैसा लगता है कि इनके दाम बढ़ेंगे या फिर घटेंगे। अगर लगता है Market Increase होगा तो Call buy करना है और अगर decrease होगा तो Put buy करना क्या ट्रेडर बनना आसान है है।

इसके अलावा आप डायरेक्ट कम्पनी में भी ऑप्शन ट्रेडिंग कर सकते हैं जैसे Reliance , TCS , HDFC Bank etc. आइये अब step by step देखते हैं ऑप्शन ट्रेडिंग कैसे की जाती है.

Option Trading कैसे शुरू करें

सबसे पहले आपको जिस भी Indices या Share में ऑप्शन ट्रेड करना है , उसका Option Chain समझना होगा जैसे किस Date की ऑप्शन खरीदनी या बेचनी है , Strike Price कितना है , LTP कितना है , OI कितना है आदि।

इसके बाद अगर आपको लगता है Market Up होगा तो आपको Call Option Buy करना है या अगर Market Down तो Put Option Buy करना है। Option Weekly और Monthly Expire होता है इसलिए Buy करते वक्त आपको Date चुननी है।

जैसे NIFTY 50 का ऑप्शन खरीदना है तो सबसे पहले ये तय करना आप किस Strike Price पर खरीदना चाहते हैं जैसे 17500 , 17800, 17900 , 18000, 18200 . इसके बाद Call/Put Price देखना है जो Strike Price के बाएं और दाएं लिखी होती है और यह मात्र कुछ पैसो से लेकर हजार से भी ऊपर की हो सकती है.

अगर आपको अच्छे से समझ नहीं आ रहा है तो चिंता मत कीजिये क्योंकि Youtube पर कई ऐसे Stock Trader हैं जिनसे आप Trading और Option Trading दोनों आसानी से सीख सकते हैं।

निष्कर्ष ( Conclusion )

तो साथियों आज का यह लेख Trading meaning in Hindi पर आपकी क्या राय कमेंट करके हमें जरूर बताएं। साथ ही Trading से संबंधित कोई प्रश्न हो तो जरूर पूछे। मैने अपनी तरफ से Trading और Option Trading को समझाने का पूरा प्रयास किया लेकिन फिर भी अगर इस लेख को लिखते हुए हमसे कोई भूल हुई हो तो छमा कीजियेगा।

Trading Margin kya hai | Trading Margin Meaning in Hindi

हेल्लो दोस्तों, आज हम इस post में जानगे की Trading Margin kya hai और Trading Margin meaning in hindi क्या है ! ये तो आप सभी को पता है की trading कितने प्रकार के होते है ! जिसमे से कई ट्रेडर सिर्फ intraday व् swing trading को ही पसंद करते है और वही कुछ ऐसे ट्रेडर भी होते है जोकि सिर्फ Trading Margin या Margin Trading में ही निवेश करना पसंद करते है क्युकी यहाँ पर आपको ज्यादा कॅश की जरुरत नही होती और वही दूसरी तरफ यदि आपको ज्यादा मात्र में शेयर खरीदने है तो आपको पैसा भी ज्यादा चाहिये होता है !

इसका मतलब ये नही की क्या ट्रेडर बनना आसान है Trading Margin में आपको ज्यादा कॅश की जरुरत नही होती, यहाँ भी आपको उतना ही कॅश जरुरी होता है जितना की बाकि trading platform में ! बस आपको यहाँ शेयर कम दाम में आसानी से मिल जाते है और आपको यहाँ ज्यादा पैसे की भी जरुरत नही होती है ! ऐसे में यदि आप भी Trading Margin में निवेश करना चाहते है लेकिन आपको नही पता है की Trading Margin kya hota hai और margin trading meaning in hindi क्या है तो आप हमारे साथ इस post में शुरू से लेकर अंत तक जरुर बने रहे ! जिससे की हम आपको आसानी से समझा सकेगे की Trading Margin kise kehte hai और क्या ट्रेडर बनना आसान है क्या ट्रेडर बनना आसान है trading margin meaning in hindi क्या होता है !

trading margin kya hoti hai ?

Trading Margin meaning in hindi का मतलब जब कोई ट्रेडर trading करता है तो ऐसे में वो अपनी छमता से ज्यादा मात्रा में शेयर को खरीद लेता है ! जिसके लिए वो ब्रोकर के पास शेयर को खरीदने के लिए पैसे उधार लेता क्या ट्रेडर बनना आसान है है ! यदि हम इसको आसन भाषा में समझे तो Trading Margin एक प्रकार से फंडिंग के रूप में कम करती है ! जिस प्रकार किसी कंपनी को अपने bussiness को ग्रो करने के इए पैसे की जरुरत होती है ! जिसके लिए वो अपनी कंपनी को स्टॉक मार्किट में लिस्ट करवाती है ! जिससे की उसकी कंपनी के ज्यादा से ज्यादा लोग निवेश कर सके ! ठीक इस प्रकार से Trading Margin काम करता है ! ऐसे में ट्रेडर कम पैसे में ज्यादा शेयर को खरीद कर उसको प्रॉफिट मार्जिन के साथ बेच देते है ! जिसके चलते हम इसे Trading Margin या Margin Trading भी कहते है !

यदि हम इसको आसान भाषा में समझने की कोशिश करे तो Trading Margin में निवेशक अपनी कैपेसिटी से ज्यादा मात्र में स्टॉक्स को खरीद लेते है ! जिसके लिए ब्रोकर ट्रेडर को पैसे उधार देता है और उसके बदले में वो शेयर को अपने पास गिरवी रखता है ! ऐसे में यदि आप निवेश करना चाहते है तो इसके लिए आपको सबसे पहले ब्रोकर के पास अपना Trading Margin अकाउंट खुलवाना होता है ! जिसके लिए आपको ब्रोकर को Trading Margin अकाउंट खुलवाने के लिए शुल्क के रूप में कुछ पैसे देने होते है ! जिसे हम Trading Margin in Hindi कहते है

Trading Margin meaning in hindi ?

Meaning of Trading Margin in Hindi: उस व्यक्ति से होता है जो निवेशक अपनी कैपेसिटी से ज्यादा स्टॉक्स को खरीदते है Trading Margin हमे intraday की तरफ आकर्षित करती है ! मार्जिन ट्रेडिंग एक सिंगल सेशन में सिक्योरिटीज की खरीद – बेच शामिल होती है ! ऐसे में समय के साथ ही साथ ब्रोकर ब्रोकरेज के समय के मामले के ढील दी हुई है ! जिस कारन इलेक्ट्रॉनिक स्टॉक्स एक्सचेंज की मदद से मार्जिन trading में अब छोटे छोटे ट्रेडर भी मौजूद है ! जिसे हम Trading Margin meaning in hindi के नाम से जानते है !

Trading Margin से जुड़े फायदे और नुक्सान क्या है ?

यदि आप भी एक ट्रेडर हो या आप ट्रेडर बनना चाहते हो लेकिन आपको नही पता की Trading Margin से जुड़े क्या क्या लाभ और नुक्सान है तो आप हमारे द्वारा बताये गये निम्नलिखित points को step by step follow कर सकते हो ! जिसकी मदद से हम आपको आसानी से समझा सकेगे की Trading Margin के लाभ और नुक्सान क्या है ! जिसको ध्यान में रखते हुए आप trading करके अपने लिए प्रॉफिट मार्जिन बुक कर सकते हो !

  • Trading Margin का लाभ उठाते हुए नए नए ट्रेडर अपने लिए प्रॉफिट मार्जिन बुक कर सकते है !
  • Trading Margin के तहत आप अपने पोर्टफोलियो में बदलाव कर सकते है !
  • Trading Margin में आप कम पैसे में ज्यादा से ज्यादा आसानी से शेयर ख़रीदे जा सकते है ! जिसके लिए आपको ब्रोकर से उधार लेना होता है !
  • Trading Margin में आपको उधर लिए हुए पैसे के उपर ज्यादा इंटरेस्ट रेट देना पड़ सकता है !
  • यदि आप Trading Margin बिना सोचे समझे या बिना जानकारी के करते है तो ऐसे में आपको बहुत बड़ा नुक्सान झेलना पड़ सकता है !

मैं आशा करता हूँ, आप सभी को Trading Margin kya hai और margin trading meaning in hindi क्या है अच्छे से समझ आया होगा ! यदि अभी भी आपके मन में कोई भी सवाल हो तो आप हमें कमेंट्स में जरुर बता सकते है ! हमें आपके सभी सवालों का जवाब देते हुए बहुत ख़ुशी होती है !

Syan Gyan काफी समय से Money क्या ट्रेडर बनना आसान है Investment , Money Management , Finacial , Share market , Mutual Fund रिलेटेड जानकारी के लिए बुक्स स्टडी कर रहे है और Finance related आर्टिकल लिख रहे है। यह हमारा मकसद आसान भाषा में Share market , Finace रेलतद जानकारी देना है। धन्यावाद।

Stock Market Learning for Begineer: कैसे करनी चाहिए स्टॉक मार्किट में खरीद परोख्त

Indian Stock & Share Market Tips, Prices, Equity, Research

दुनिया के सबसे सफल निवेशक माने जाने वाले वॉरेन बफेट ने कहा था- “जब दूसरे लोग लालची हों तो आप डरिए और जब दूसरे लोग डरें तो आप लालची बन जाइए”। बफेट की इस थ्योरी को अगर सरल शब्दों में कहें तो अच्छा शेयर चुनो, सस्ते में खरीदो और महंगे में बेचकर मुनाफा बटोर लो। दु निया के सबसे सफल निवेशक माने जाने वाले वॉरेन बफेट ने कहा था- जब दूसरे लोग लालची हों तो आप डरिए.और जब दूसरे लोग डरें तो आप लालची बन जाइए। इस बार वॉरेन बफेट की इसी थ्योरी को समझने की कोशिश करेंगे। मेरी राय में हर रिटेल ट्रेडर को वॉरेन बफेट का ये सिद्धांत आत्मसात कर लेना चाहिए। इस थ्योरी को गौर से देखिए। इस फॉर्मूले में दो शब्दों पर जोर है। लालच और डर। नैतिकता के स्थापित मानदंडों के हिसाब से देखा जाए तो लालच और डर ये दोनों अवगुण माने जाते हैं। लालची और डरपोक इंसान को कभी र्शेष्ठ या विश्वसनीय नहीं माना जाता है, लेकिन मजेदार बात है कि ट्रेडर को लालची और डरपोक बनने की सलाह दी जा रही है। पहली नजर में ये एक उलझी हुई पहेली लगती है, लेकिन दरअसल ऐसा नहीं है। यहां इन शब्दों का इस्तेमाल मुहावरे की तरह हुआ है, इसलिए उनके अर्थ पर नहीं जाइए, बल्कि उनके भाव को समझिए। क्योंकि इस फार्मूले में छिपा है ट्रेडर की सफलता का रहस्य।

जोरदार मुनाफे की ख्वाहिश (Hunger of Big Profit)

पहले बात करते हैं लालच की। ट्रेडिंग में लालच का मतलब है- जबरदस्त मुनाफे की ख्वाहिश जो आपको कोई सौदा करने के लिए धकेलती है। ट्रेडर को लगता है कि अरे ये शेयर तो चढ़ रहा है, अगर इसे नहीं खरीदा तो प्रॉफिट वाली एक्सप्रेस ट्रेन छूट जाएगी। अगर आपके किसी दोस्त, परिचित या रिश्तेदार ने वह शेयर खरीदा है तो आप और भी बेचैन हो जाते हैं, आपको लगता है कि वह मालामाल हो जाएगा और आप हाथ मलते रह जाएंगे। इसलिए आप भी बहती गंगा में हाथ धोने के लिए कूद पड़ते हैं। लेकिन कूदने के बाद मालूम पड़ता है कि आप विपरीत और तेज धारा में फंस गए हैं। यहां पूंजी डूबने का डर है और घाटे का दलदल है। बदकिस्मती से ज्यादातर ट्रेडर किसी शेयर को खरीदते समय सही आकलन और विश्लेषण करने के बदले लालच में फंसकर अपना नुकसान करवा बैठते हैं।

भारी गिरावट का भय (Fear of Large Declines)

अब डर को समझिए। मान लीजिए किसी मजबूत कंपनी का शेयर गिरा हुआ है। आप इस डर से उसे नहीं खरीदते हैं कि वह डाउनट्रेंड है। आप इस बात को समझने की कोशिश नहीं करते कि वह क्यों गिरा है और कहां तक गिरने के बाद दोबारा उठकर दौड़ने लगेगा। आप लंगड़ा घोड़ा समझकर जिस स्टॉक पर दांव लगाने से डर रहे थे, वह देखते ही देखते तूफान एक्सप्रेस बन जाता है। आप एक बार फिर अफसोस करने बैठ जाते हैं। डर का एक और पहलू भी है, अगर आप नियमित ट्रेडिंग करते होंगे तो आपने महसूस किया होगा कि कई बार डर की वजह से तगड़ा नुकसान उठाना पड़ता है। मसलन हर ट्रेडर जानता है कि स्टॉप लॉस लगाना जरूरी है, लेकिन कई बार ट्रेडर घाटे के डर से स्टॉप लॉस को नजरअंदाज करता है। शेयर की कीमत तय स्टॉप लॉस की सीमा से नीचे चली जाती है, ट्रेडर इस उम्मीद में बैठा रहता है कि अभी भाव पलटेगा, लेकिन वह गिरता ही चला जाता है, आखिरकार वह भारी घाटा सहकर उस शेयर को बेचने के लिए मजबूर हो जाता है।

कोई शेयर कब खरीदें (When we will by stock /share)

अब सवाल है कि बफेट के कहने का मतलब क्या है। ट्रेडर को कब लालची बनना चाहिए और कब डरना चाहिए। दरअसल, बफेट की थ्योरी ये कहती है कि जब किसी अच्छी कंपनी का शेयर पिटा हुआ हो यानी ओवरसोल्ड अवस्था में हो तो उसे खरीद लेना चाहिए, क्योंकि उस शेयर में उठने की भरपूर संभावना छिपी होती है। बाजार में ज्यादातर लोग उस शेयर को नकार देते हैं, लेकिन सूक्ष्म दृष्टि वाला ट्रेडर इस बात का आकलन कर लेता है कि कौन सा अच्छा शेयर सस्ते दाम में मिल रहा है। वह भांप लेता है कि कौन सा शेयर फर्श से अर्श का सफर तय करने के लिए तैयार है। ऐसे सौदे में मोटे मुनाफे की संभावना कूट कूट कर भरी होती है। लेकिन ऐसा नहीं है कि आप किसी भी पिटे हुए शेयर को आंख बंद करके खरीद लें। इस तरह का शेयर चुनने के लिए काफी ज्ञान, अभ्यास और अनुशासन की जरूरत होती है। बफेट की भाषा में इसे ही कहते हैं जब दूसरे डरें, तब लालची बनना चाहिए। यानी जब ज्यादातर लोग किसी शेयर के पतन से डर कर दूर भाग रहे हों, तब आप उसके लिए लालच दिखाते हैं यानी उसे खरीद लेते हैं।

कोई शेयर कब बेचें (When we sell our Stock)

इसके ठीक विपरीत बफेट के सिद्धांत का अगला चरण है-जब दूसरे लालची बनें तो आप डरिए। इसे भी ऊपर वाले उदाहरण के संदर्भ में समझिए। माना किसी ट्रेडर ने ओवरसोल्ड अवस्था में कोई शेयर सस्ते में खरीदा..जब वह ठीक-ठाक चढ़ जाता है तो आम ट्रेडर्स की नजर उस पर पड़ती है। लोगों को लगता है कि ये उगता हुआ सूरज है, सब उसे सलाम करने लगते हैं। यानी रिटेल ट्रेडर लालच में पड़कर उसे ऊंचे भाव में खरीद करने लगते हैं.लेकिन तब तक सूरज ढलने लगता है..शेयर ओवरबाउट (बहुत ज्यादा और ऊंची कीमत पर खरीद) हालत में पहुंच जाता है। वहां से वह नीचे आने लगता है। बफेट के मुताबिक समझदार ट्रेडर इस स्थिति को भी भांप लेता है, जब दूसरे लोग लालच में पड़कर किसी शेयर को ऊंची कीमत पर खरीद रहे होते हैं तो वह गिरने की संभावना से डर कर बेच देता है। उसका यह दांव भी सही पड़ता है, क्योंकि जहां वह बेचता है, वही उस शेयर का तात्कालिक शिखर होता है।

जोखिम के जख्म से सचेत रहें (Be aware of Risk)

बफेट की इस थ्योरी को अगर सरल शब्दों में कहें तो अच्छा शेयर चुनो, सस्ते में खरीदो और महंगे में बेचकर निकल लो। कहने सुनने में ये फॉर्मूला बड़ा दिलचस्प और आसान लगता है, लेकिन इसे अमल में लाने में उतना ही कठिन है। वैसे किसी गिरते हुए शेयर को खरीदना उड़ते हुए तीर को पकड़ने जैसा खतरनाक होता है। अगर आपका अनुमान सही है और आपके हाथ में आने तक तीर की रफ्तार धीमी पड़ चुकी है तो आप तीरंदाज बन जाते हैं वरना घायल होने का भरपूर खतरा रहता है। इसीलिए अगर आप ट्रेडिंग करते हैं जोखिम के जख्म से हमेशा सावधान रहिए।

  1. हर ट्रेडर को याद रखनी चाहिए बफेट की थ्योरी -‘जब दूसरे लोग लालची बनें तब आप डरिए’ और ‘जब दूसरे लोग डरें तब अब लालची बनिए’
  2. भीड़ की भेड़चाल से अलग चलना सिखाती है बफेट की थ्योरी
  3. लालच यानी किसी गिरे हुए शेयर को सस्ते में खरीदने की समझ
  4. डर यानी किसी बहुत उठे हुए शेयर को ऊंचे भाव में बेचकर निकल जाने का अंदाज
  5. फर्श से अर्श तक का सफर तय करना सिखाते हैं बफेट
  6. देखने में आसान.अमल करने में बहुत मुश्किल है यह सिद्धांत और
  7. जोखिम का आकलन किए बिना कोई फॉर्मूला अपने ऊपर अप्लाई नहीं करें


(कृपया ध्यान दें: इस लेख का उद्देश्य हमारे पाठकों/निवेशकों को जागरूक और जानकार बनाना है। अगर कोई पाठक/निवेशक शेयर बाजार में निवेश करता है, तो वह लाभ या हानि के लिए स्वयं जिम्मेदार होगा।)

ट्रेडिंग के 10 महत्वपूर्ण नियम | Top 10 things Remember before Start Trading

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यदि कोई व्यक्ति शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने की सोच रहा है तो उसे मार्केट में उतरने से पहले मन में कुछ आवश्यक बातें ध्यान रखना चाहिए। तभी जाकर एक अच्छा और प्रॉफिटेबल ट्रेडर बन सकते है. वो कोन सी ख़ास प्वाइंट हैं, चलिए हम विस्तार से जानते हैं.

Table of Contents

कुछ ख़ास बातें :

  • ट्रेडिंग को बिज़नेस के तौर पर लें ना की शौक और नौकरी जैसे.
  • इस बिज़नेस को चलाने के लिए हमेशा लर्निंग पर फोकस करें.
  • एक ट्रेडिंग सेटअप बनाएं.
  • ट्रेडिंग में अनुशासन हमेशा बनाए रखें.
  • अपना लक्ष्य निर्धारित रखें.

नीचे दिए गए प्रत्येक प्वाइंट महत्वपूर्ण है. इसे ध्यान पूर्वक समझे और ट्रेडिंग के दौरान इसे फ़ॉलो करें. जब आप इन सभी बातों को ध्यान में रखकर ट्रेडिंग करेंगे तब जाकर आप एक सफल ट्रेडर होने की संभावना रख सकते हैं।

हमेशा एक ट्रेडिंग सेटअप बनाएं

एक ट्रेडिंग प्लान में हम अपने ट्रेडिंग एंट्री प्वाइंट, एक्जिट प्वाइंट, स्टॉपलॉस और मनी मैनेजमेंट जैसे बातों को ध्यान में रख सकते हैं। इसके साथ ही स्टॉक के चार्ट को ध्यान से समझें कि पिछले परफॉर्मेंस कैसे रहे हैं. तभी स्टॉक में एंट्री लेने का विचार बनाएं।

ट्रेडिंग को बिज़नेस के तौर पर लें

यदि आप एक अच्छा ट्रेडर बनने की सोच रहे हैं तो इसे फुल- टाईम और पार्ट- टाईम बिज़नेस लें. ट्रेडिंग को शौक और जॉब के तरीके ना करें. यदि इसे शौक में करते हैं तो आप इसमें कोई भी चीज़ सीख नहीं पाएंगे और यदि इसे एक नौकरी के तौर पर करेंगे तो आप परेशान हो जाएंगे. क्योंकि इसमें कोई नियमित सैलरी नहीं मिलेगी. ट्रेडिंग को एक व्यवसाय के अनुसार लीजिए. क्योंकि इसमें खर्चे, नुकसान, टैक्स, चिंता और जोखिम जैसे कई अन्य चीजें सामिल होते हैं.

बेहतर टेक्नोलॉजी का प्रयोग करें

ट्रेडिंग एक ऐसा बिज़नेस है जहां पर आपको हर रोज स्टॉक मार्केट से संबंधित समाचारों से अपडेट रहना होगा. जिस भी स्टॉक में आप ट्रेड करना चाहते हैं. उससे जुड़ी जानकारी आप एकत्रित करते रहे और रोजाना, सप्ताहिक और मासिक चार्ट पेटर्न को ध्यान पूर्वक देखते रहे ताकि आपको पता लग सके की मार्केट का रुझान कैसा है. मार्केट में शेयर की प्राइस ऊपर जा रही है या फिर नीचे गिर रही है. ये सभी जानकारी आप अपने स्मार्टफोन या फिर कंप्यूटर के माध्यम से जान सकते हैं. इसके लिए आपके पास एक अच्छा इंटरनेट कनेक्शन भी होना चाहिए. जिसे ट्रेड बिना किसी रूकावट के कर सकते हैं.

अपनी ट्रेडिंग पूंजी को सुरक्षित रखें

ट्रेडिंग करते वक्त ध्यान में रखे कि जो भी पूंजी हम लगा रहे हैं वो सुरक्षित बनी रहें. यानी कि अपनी ट्रेडिंग पूंजी को ऐसा विभाजित करना है. जिससे आगे चलकर हमें ट्रेडिंग में कोई दिक्कत ना हो. एक दिन में उतना ही ट्रेडिंग करिए जितना आप जोखिम उठा सकते हैं. क्योंकि ओवर ट्रेडिंग करने से कुल पूंजी डूब सकती है. यदि एक दिन में एक से दो ट्रेड में लॉस होता है तो ओवर ट्रेडिंग नहीं करना है. यदि आप अपने लॉस को रिकवर करने की सोचेंगे तो गुस्से की वजह से दोबारा लॉस कर बैठेंगे. इससे आप मार्केट में ज्यादा दिन तक टिक नहीं पाएंगे. क्योंकि ज्यादातर नए ट्रेडर यही गलती करते हैं.

केवल उतना जोखिम उठाएं जितना हो सके

यदि आप ट्रेडिंग करने की सोच रहे हैं तो कभी भी ट्रेडिंग के लिए लोन या फिर किसी से उधार लेकर ट्रेडिंग ना करें क्योंकि इसे आप काफी जोखिम में पड़ सकते हैं. आपको अपने ट्रेडिंग अकाउंट में उतना ही पैसा जमा करना है. जितना आप सहन कर सकते हैं. क्योंकि इसमें आप पैसे को दोगुना तो कर सकते हैं. लेकिन आपकी एक भी लापरवाही से पूरे पैसे डूब भी सकते हैं. इसलिए कभी भी आपको उस पैसे का उपयोग नहीं करना है. जो आपने बच्चों की फीस, किसी जरूरी काम के पैसे या फिर किसी भी चीज की किस्त जमा करने के लिए बचा रखे हैं. स्टॉक मार्केट में 90 फीसद लोग अपना पैसा गवा देते हैं. क्योंकि बिना सीखे वे ट्रेडिंग करना शुरू कर देते हैं.

हमेशा स्टॉप लॉस का प्रयोग करें

ट्रेडिंग करते वक्त हमेशा स्टॉप लॉस का प्रयोग करें. स्टॉप लॉस एक ऐसा ऑप्शन है जिसकी मदद से आप अपने रिस्क को मैनेज कर सकते हैं. स्टॉप लॉस सभी ब्रोकर के द्वारा प्रदान किया जाता है. इस ऑप्शन की मदद से अपने लॉस को निर्धारित कर सकते हैं. यदि आप एक अच्छा ट्रेडर बनना चाहते हैं तो हमेशा स्टॉप लॉस का प्रयोग करें. ज्यादातर नए ट्रेडर इस ऑप्शन को या तो जानते नहीं है या फिर जानते हैं तो वे इसका उपयोग नहीं करते हैं. क्योंकि उन्हें स्टॉपलॉस हिट होने का डर होता है. जिसकी वजह से अपना पूरा पूंजी डूबा देते हैं.

स्टॉक मार्केट के ट्रेंड को समझें

शेयर लेते समय हमेशा बाजार के रुझान को समझें कभी भी मार्केट के विपरीत में न जाएं. इससे भी आप का भारी नुकसान हो सकता है.

ट्रेडिंग में अनुशासन हमेशा बनाए रखें

ट्रेडिंग करते वक्त अनुशासन सबसे अहम भूमिका होता है. स्टॉक मार्केट खुलने का समय सुबह 9:00 बजे और बंद 3:30 बजे होता है. यदि आप एक फुल–टाइम या फिर पार्ट– टाइम ट्रेडिंग करते हैं तो उस वक्त आपका पूरा कंसंट्रेशन ट्रेडिंग पर होना चाहिए. ट्रेडिंग करते वक्त यदि आपका ध्यान किसी ओर भी काम पर हैं, तो आपको ट्रेडिंग में दिक्कतें आ सकती हैं. खासकर इंट्राडे ट्रेडिंग करने वालों के लिए क्योंकि इसमें आपको हर 5 और 15 मिनट के टाइम फ्रेम में चार्ट देखना होता है. ट्रेडिंग में कई प्रकार के टेक्निकल एनालिसिस इंडिकेटर्स प्रयोग किए जाते हैं. जिनके मदद से आप अपना ध्यान केंद्रित कर अच्छा प्रॉफिट बना सकते हैं.

छात्रों की तरह शेयर बाजार से सीखने और समझने पर ध्यान दें

स्टॉक मार्केट में आप किसी ट्रेड से पैसे बना पाए या फिर ना बना पाए. लेकिन मार्केट के ट्रेड से कुछ सीखने का प्रयोग जरूर करें. आगे चलकर आने वाले ट्रेड्स में इसका इस्तेमाल करें और फिर देखें जो भी स्ट्रेटेजी लगाई है कितना सही और कितना गलत है. इससे आप अपने ट्रेडिंग को बेहतर बना सकते हैं. आप जो भी स्ट्रेटेजी अप्लाई करते हैं उसका नोट जरूर बनाए. इससे आपको यह मालूम चलेगा कि आपने जो भी स्ट्रेटेजी नोट किया उनमें से कौन से पॉइंट काम कर रहे हैं और कौन सी पॉइंट नहीं कर रहे हैं.

इमोशन को कंट्रोल में रखें

ट्रेडिंग करते वक्त अपने इमोशन को कंट्रोल में रखें. क्योंकि ज्यादातर युवा जब ट्रेडिंग करते हैं तो उनको नुक्सान हो जाता है. जिसे काफी गुस्सा भी आता है. जिसकी वजह से प्रॉफिट को रिकवर करने के लिए बार-बार ट्रेडिंग करते हैं और लॉस को बढ़ाते चले जाते हैं. एक बात ध्यान रखें कि आप अपना गुस्सा मार्केट पर नहीं निकाल सकते. इसलिए यदि आपको दो से अधिक लॉस होते हैं तो उस दिन के लिए आप अपना ट्रेडिंग बंद कर दें नहीं तो इमोशन में आकर आप अपने पूंजी को भी डूबा सकते हैं.

नोट: ट्रेडिंग में कैरियर बनाना कठिन तो है, लेकिन परिश्रम, मेहनत और निरंतर अभ्यास करने वालों के लिए कोई भी चीज कठिन नहीं होती है. यदि आप अपनी गलतियों को नियंत्रित सुधारते हैं और नए-नए ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी को बनाते रहते हैं तो ट्रेडिंग आपके लिए बिल्कुल आसान हो जाएगा। यदि स्टॉक मार्केट से लंबा रकम बनाना है तो मेहनत तो करना ही पड़ेगा.

Q. ट्रेडिंग कैसे शुरू करे?

Ans. ट्रेडिंग शुरू करने से पहले शेयर बाजार के बारे में, टेक्निकल एनालिसिस, कैंडल स्टिक पैटर्न जैसे कई अन्य जानकारी इकट्ठा करे. इसके बाद पहले small quantity से स्टॉक में ट्रेडिंग करे. जब आपको थोड़ा बहुत मार्केट का ज्ञान हो जाए फिर अपने risk के अनुसार quantity को बड़ा सकते है.

Q. ट्रेडिंग में लॉस से कैसे बचें?

Ans. ट्रेडिंग में loss से बचने के लिए हमेशा stop loss का प्रयोग करें. इसके साथ अपने risk के अनुसार ट्रेंड में capital लगाएं.

Q. शेयर मार्केट का रूझान कैसे पता लगाएं?

Ans. मार्केट का रूझान पता करने के लिए Global Market, FII और DII पिछले दिन का चार्ट जैसे market Open, Close, High, Low आदि जानकारी इकट्ठा करना होगा.

शेयर मार्केट में सफलता हासिल करने के 5 स्टॉक ट्रेडिंग टिप्स

केवल इस आधार पर कोई निष्कर्ष न निकालें कि आपने शॉर्ट टर्म में कोई प्रॉफिट नहीं कमाया है. लॉन्ग टर्म प्रॉफिट पर ध्यान देना ज्यादा बेहतर होता क्या ट्रेडर बनना आसान है है.

  • Money9 Hindi
  • Publish Date - October 18, 2021 / 12:16 PM IST

शेयर मार्केट में सफलता हासिल करने के 5 स्टॉक ट्रेडिंग टिप्स

अपने लिए गए डिसीजन की जिम्मेदारी लेते हैं, और अपनी असफलताओं से सीखते हैं कि वो कैसे और बेहतर होकर अपनी सफलता को और बढ़ा सकते हैं

कोई भी व्यक्ति ट्रेड करने की नेचुरल एबिलिटी के साथ पैदा नहीं हुआ है, ट्रेड स्किल डेवलप करने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है. हालांकि, हर प्रोफेशनल शेयर मार्केट (Stock Market) ट्रेडर में एक चीज कॉमन होती है और वो है आगे बढ़ना. स्टॉक ट्रेडिंग एक कॉम्पिटेटिव इंडस्ट्री है, और डिसीजन मेकिंग के लिए ट्रेडिंग तकनीकों की गहरी समझ जरूरी है. ट्रेडिंग में बिगनर्स के लिए, सबसे बड़ी रुकावट है सही टाइमिंग की जानकारी न होना और इस स्किल को एक्सपीरिएंस और प्रेक्टिस के जरिए ही सीखा जा सकता है. यदि आप ट्रेडिंग में नए हैं, तो यहां कुछ आजमाई हुई स्ट्रेटजी हैं जो आपको शेयर मार्केट में सही तरीके से ट्रेड करने में सक्षम बनाती हैं.

लॉजिकल अप्रोच अपनाएं

स्टॉक ट्रेडिंग एक खेल भी है और एक बिजनेस भी. सबसे जरूरी बात एक ट्रेडर को अपने लिए आइडियल ट्रेडिंग अप्रोच को पहचानना चाहिए, क्योंकि कोई एक अप्रोच नहीं है जो सभी के लिए सफलता सुनिश्चित कर सके. आप ट्रेडिंग कैसे करते हैं यह निर्धारित करता है कि आप कितने सफल होंगे. लेकिन यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि जो भी अप्रोच अपनाई जाती है, उसमें एक महत्वपूर्ण बढ़त होनी चाहिए जो उन्हें भीड़ से अलग बनाती है. कैजुअल एटीट्यूड के साथ ट्रेड करने से ज्यादातर औसत परिणाम ही मिलते हैं.

सफल ट्रेडर्स के बीच जो एक कॉमन क्वालिटी है वो है ऑनलाइन स्टॉक ट्रेडिंग के लिए बिजनेस जैसा नजरिया. वो छोटे से छोटी डिटेल पर भी ध्यान देते हैं, अपने खुद के रिकॉर्ड बनाते हैं, अपने लिए गए डिसीजन की जिम्मेदारी लेते हैं, और अपनी असफलताओं से सीखते हैं कि वो कैसे और बेहतर होकर अपनी सफलता को और बढ़ा सकते हैं.

सिंपलीसिटी

प्रोसेस को ज्यादा कॉम्प्लिकेट बनाना समय की बर्बादी है, जिससे सीखना और सुधार करना मुश्किल हो जाता है. दूसरी ओर, चीजों को सरल बनाने से आप अधिक तेजी से सुधार कर सकेंगे और सीखने के अनुभव को काफी आसान बना सकेंगे.

एक सफल ट्रेडर वो है जो ठंडे दिमाग से ट्रेड करता है और एक स्ट्रेटजी से दूसरी स्ट्रेटजी नहीं बदलता. एक प्रोफेशनल ट्रेडर अपने लिए नियम बनाता है और यह सुनिश्चित करता है कि वो उनका पालन करे. इसलिए, केवल इस आधार पर कोई निष्कर्ष न निकालें कि आपने शॉर्ट टर्म में कोई प्रॉफिट नहीं कमाया है. लॉन्ग टर्म प्रॉफिट पर ध्यान देना ज्यादा बेहतर होता है.

कभी-कभी गलत होने में कोई बुराई नहीं है

चूंकि स्टॉक ट्रेडिंग पासा फेकने की तरह है, इसलिए गलतियां करना काफी सामान्य है. और एक ट्रेडर सालों के अनुभव
और दर्जनों ट्रेड करने के बाद ही किसी भी परिस्थिति में शांत रहना सीख सकता है. यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है
कि आप अपना सारा ध्यान नुकसान पर केंद्रित नहीं कर रहे हैं. एक कदम आगे बढ़कर अपनी असफलताओं को स्वीकार
करके क्या ट्रेडर बनना आसान है उनसे सीखना चाहिए. सालों की मेहनत और अपनी गलतियों से सीखने का हुनर ही ट्रेडर को मार्केट की गहरी
समझ प्रदान करता है, जो उन्हें चुनौतियों से उबरने और बेहतर योजना बनाने में मदद कर सकती है.

प्लान और री-प्लान

जैसा कि पहले बताया गया है, ट्रेडिंग कोई ऐसी चीज नहीं है जो स्वाभाविक रूप से आती है. किसी भी प्रतिस्पर्धी खेल की
तरह, इसके लिए भी बहुत मेहनत करने की जरूरत होती है. एक ट्रेडिंग प्लान एक ट्रेडिंग मैनुअल के रूप में काम करती
है और ये डायरेक्शन और एक सफल ट्रेडर बनने के लिए बहुत जरूरी है.

हालांकि, बदलते मार्केट सिनेरियो के हिसाब से री-प्लान बनाने की जरूरत हो सकती है. जो रिजल्ट चाहिए उसके लिए
समय-समय पर अपने निवेश का मूल्यांकन और दोबारा प्लान बनाना जरूरी है.

इम्प्रूवमेंट एक लाइफ लॉन्ग प्रोसेस है

एक कहावत है ‘प्रैक्टिस एक व्यक्ति को परफेक्ट बनाती है’. इस कहावत का बहुत इस्तेमाल किया जाता है. ट्रेडिंग स्किल
रातों रात नहीं पैदा हो सकती. यहां तक कि सबसे सफल ट्रेडर को भी कई बार भारी प्रॉफिट होता तो कई बार उसे
नुकसान का सामना भी करना पड़ता है. जरूरी बात यह है कि लगातार कोशिश करते रहें और अपने प्रदर्शन में सुधार
करके सफलता की संभावनाओं को बढ़ाएं. अपने आप से कंपटीशन करने और अपनी प्रोग्रेस पर नजर रखने से आपको
गलतियों से बचने और अपने ट्रेडिंग और निवेश परिणामों को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है. याद रखें कि एक
सफल स्टॉक ट्रेडर हमेशा मार्केट का स्टूडेंट होता है. मार्केट से सीखने पर ध्यान केंद्रित करें, रिसर्च के लिए समय निकालें,
शेयर मार्केट की जटिलताओं को समझें, क्योंकि यह एक लाइफ लॉन्ग प्रोसेस है.

निष्कर्ष

ट्रेडिंग सरल है, लेकिन आसान नहीं है, और शेयर मार्केट में सफलता तुरंत नहीं मिलती. एक जानकार स्टॉक ट्रेडर होने
के नाते अपने इस सफर को रोमांचक बनाएं और अपना ध्यान इस सफर के दौरान मिलने वाले मीठे फलों पर केंद्रित करें.

(लेखक विकास सिंघानिया ट्रेडस्मार्ट के CEO हैं; व्यक्त किए गए विचार निजी हैं)

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