शुरुआती लोगों के लिए अवसर

दलाल कैसे बने?

दलाल कैसे बने?
रियल एस्टेट का बिजनेस जितना आसान आप समझते है उतना है नहीं । साथ ही इतना कठिन भी नहीं है कि आप इसे कर और समझ न पाएं । भारत में रियल एस्टेट की बात करें तो बहुत से ऐसे उद्योगपति रहे है जो बिना किसी लागत के या बिना निवेश किए अपना बिजनेस इस क्षेत्र में करके अच्छी कमाई की है आप कुछ खास तरह के रियल एस्टेट दलाल कैसे बने? बिजनेस शुरू कर अच्छी खासी कमाई कर सकते है ।

Real Estate : क्या है रियल एस्टेट ? कैसे कमाए पैसा इस व्यापार से ?

Real Estate : जीवन व्यतीत करने के लिए पैसा होना जरूरी है पैसा सबकी मांग है कोई अधिक पैसा कमाने की जुगत में लगा है तो कोई सीमित संसाधनों को चलाने के लिए आवश्यकतानुसार पैसा कमाना चाहता है । देश की बढ़ती आबादी में सरकार नौकरी सभी को मिलना आसान नहीं है कई युवा लोग ऐसे ही है जो वर्षों से नौकरी के लिए दर दर भटक रहे है और मिलती है सिर्फ निराशा । लेकिन जीवन को आगे बढ़ाने के लिए उन्हें पैसे की जरूरत तो पड़ती ही है इसलिए खुद का बिजनेस शुरू करना एक शानदार कदम है ऐसा बिजनेस जो कम समय में बिना लागत लगाए अधिक पैसा बनाना हो तो आप रियल एस्टेट का बिजनेस शुरू कर सकते है । आज कल बहुत लोग रियल एस्टेट में काम करके अच्छा खासा पैसा कमा रहे है । ऐसे लोग साइड में बिजनेस भी करते है ।

क्या है रियल एस्टेट

इस शेयर में निवेश कर राकेश झुनझुनवाला बने थे अमीर, जानिए उन्होनें कैसे तैयार किया था अपना पोर्टफोलियो?

Vikash Tiwary

Edited By: Vikash Tiwary @ivikashtiwary
Updated on: November 14, 2022 16:20 IST

टाटा ग्रुप के शेयर में निवेश कर राकेश झुनझुनवाला बने थे अमीर- India TV Hindi

Photo:INDIA TV टाटा ग्रुप के शेयर में निवेश कर राकेश झुनझुनवाला बने थे अमीर

भारतीय शेयर बाजार के वॉरेन बफेट कहे जाने वाले राकेश झुनझुनवाला हमेशा अपने पोर्टफोलियो के लिए जाने जाते थे। उनकी समझ और चालाकी ने उन्हें शून्य से दलाल कैसे बने? शिखर तक लाकर पहुंचा दिया था। दलाल स्ट्रीट के बिग बुल ने ₹5,000 के साथ शेयरों में निवेश करना शुरू किया था। फोर्ब्स के मुताबिक, राकेश झुनझुनवाला की कुल संपत्ति आज 5.8 बिलियन थी।

1985 में शुरू हुई थी बफेट की यात्रा

भारत के वॉरेन बफेट ने 1985 में शुरू की अपनी स्टॉक निवेश यात्रा में 5,000 रुपये से 5.8 बिलियन डॉलर तक का सफर तय किया था। हालांकि, जो लोग वैल्यू पिक्स के लिए बिग बुल की प्रोफाइल को स्कैन करते हैं, उनके लिए बता दें कि राकेश झुनझुनवाला के पोर्टफोलियो में टाटा समूह के शेयर हमेशा पसंदीदा शेयरों में से एक रहे हैं, लेकिन इसके पीछे की वजह बहुत कम लोग जानते हैं। दरअसल, राकेश झुनझुनवाला का पहला बड़ा मुनाफा टाटा समूह के स्टॉक से आया था और इसलिए 1985 में टाटा समूह के लिए उनका विश्वास समय बीतने के साथ और मजबूत होता गया।

राकेश झुनझुनवाला का पहला बड़ा लाभ 1986 में टाटा टी के शेयरों से आया था। उस समय उन्होंने ने टाटा टी के 5000 शेयर ₹43 प्रति शेयर के भुगतान पर खरीदे। टाटा टी खरीदने के केवल तीन महीनों में शेयर की कीमत 43 रुपये से बढ़कर लगभग 143 रुपये प्रति शेयर हो गई। अगले तीन वर्षों में राकेश झुनझुनवाला ने टाटा टी के शेयरों से लगभग 25 लाख रुपये कमाए, जो शेयर बाजार से उनका पहला सबसे बड़ा लाभ था।

राकेश झुनझुनवाला पोर्टफोलियो में टाटा समूह के शेयर

इस पहली बड़ी सफलता के बाद, बिग बुल का टाटा समूह के शेयरों के प्रति लगाव अगले 37 वर्षों तक बना रहा। टाटा मोटर्स, इंडियन होटल्स कंपनी, टाटा कम्युनिकेशंस और टाइटन कंपनी के शेयर टाटा समूह के शेयर हैं जो जून 2022 तिमाही के अंत के बाद तक राकेश झुनझुनवाला के पोर्टफोलियो में थे।

राकेश झुनझुनवाला एक निजी ट्रेडिंग कंपनी रारे (Rare) एंटरप्राइजेज के मालिक थे, जो उनके नाम (Ra) राकेश झुनझुनवाला से पहले दो अक्षर और उनकी पत्नी (Re) रेखा झुनझुनवाला के पहले दलाल कैसे बने? दो अक्षर को मिलाकर रखा गया था है। अप्रैल से जून 2022 तिमाही के अंत के बाद आज राकेश झुनझुनवाला के पोर्टफोलियो में 47 कंपनियां हैं। स्टार हेल्थ, मेट्रो ब्रांड्स, केनरा बैंक, फोर्टिस हेल्थकेयर, रैलिस इंडिया, फेडरल बैंक के शेयर कुछ ऐसे प्रमुख शेयर हैं।

ये हैं उनके सक्सेस मंत्रा

काफी आसान है लाइसेंस बनवाना

डीसी पी. सी. मीणा का कहना है कि गुड़गांव मंे अभी तक कुल 986 प्रॉपर्टी डीलरांे व बिल्डरों ने अपना पंजीकरण कराया है। उनका कहना है कि प्रशासन की कोशिश है कि जिले में सभी प्रॉपर्टी डीलरों के पास लाइसेंस हो। इससे लोगों को ठगी जैसी घटनाओं से बचाने में मदद मिलेगी।

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दिग्गज निवेशक राकेश झुनझुनवाला का आज 62 वर्ष की आयु में मुंबई में निधन हो गया.

Rakesh Jhunjhunwala Death Reactions: दिग्गज दलाल कैसे बने? निवेशक राकेश झुनझुनवाला का आज 62 वर्ष की आयु में मुंबई में निधन हो गया. मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल ने उनके निधन की पुष्टि की है. झुनझुनवाला को 2-3 हफ्ते पहले ही अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया था और वह घर आ गए थे. कुछ दिनों पहले ही उन्होंने अकासा एयरलाइंस की शुरुआत की थी. बता दें कि झुनझुनवाला का रुझान कॉलेज में पढ़ते समय ही शेयर बाजार की ओर बढ़ गया. उन्हें यकीन था कि अगर कम से समय में कहीं से बहुत ज्यादा मुनाफा कमाया जा सकता है तो वह जगह सिर्फ शेयर बाजार है. झुनझुनवाला के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण समेत देश की कई बड़ी हस्तियों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है और दुख जताया है. आइए जानते हैं कि उनके निधन पर किसने क्या कहा.

वे भारत की प्रगति को लेकर भावुक थे: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राकेश झुनझुनवाला के निधन पर ट्वीट कर दुख जताया है. उन्होंने लिखा, “राकेश झुनझुनवाला अदम्य थे. जीवन से भरपूर, मजाकिया और व्यावहारिक. वह अपने पीछे वित्तीय दुनिया में एक अमिट योगदान छोड़ गए हैं. वह भारत की प्रगति को लेकर भी बहुत भावुक थे. उनका जाना दुखद है. उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं. ओम शांति.”

गृह मंत्री अमित शाह ने भी राकेश झुनझुनवाला के निधन पर ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा है, “राकेश झुनझुनवाला जी के निधन के बारे में जानकर दुख हुआ. उनके विशाल अनुभव और शेयर बाजार की समझ ने अनगिनत निवेशकों को प्रेरित किया है. उन्हें उनके बुलिश आउटलुक के लिए हमेशा याद किया जाएगा. उनके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदना है. ओम शांति शांति.”

वित्त मंत्री ने क्या कहा?

इसी तरह, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी बिग बुल के निधर पर दुख जताया है. उन्होंने लिखा, “श्री राकेश झुनझुनवाला नहीं रहे. निवेशक, साहसिक जोखिम लेने वाला, शेयर बाजार की उत्कृष्ट समझ, संचार में स्पष्ट- अपने आप में एक लीडर. हमारे बीच हुई कई बातचीत याद है. उन्हें भारत की ताकत और क्षमताओं में दृढ़ विश्वास था. मेरी संवेदनाएं.”

कोटक महिंद्रा बैंक के सीईओ उदय कोटक ने ट्विटर पर बिग बुल को याद करते हुए ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा, “राकेश झुनझुनवाला: मेरे स्कूल और कॉलेज के साथी. एक साल मेरे जूनियर. वित्तीय बाजारों को समझने में आश्चर्यजनक रूप से तेज थे. हमने नियमित रूप से बात की, खासकर कोविड के दौरान. आपकी याद आएगी राकेश!”

हम उन्हें मिस करेंगे : गौतम अडानी

बिग बुल के निधन पर शोक व्यक्त करने वालों में भारत के सबसे अमीर शख्स गौतम अडानी भी शामिल हैं. उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा, “भारत के सबसे महान निवेशक के असामयिक निधन से बेहद दुखी हूं. श्री झुनझुनवाला ने अपने शानदार विचारों से एक पूरी पीढ़ी को इक्विटी बाजारों में भरोसा करने के लिए प्रेरित किया. हम उन्हें मिस करेंगे. भारत उन्हें याद करेगा, हम उन्हें कभी नहीं भूलेंगे. RIP.”

यहां तक कि दलाल स्ट्रीट के बड़े नामों ने भी बिग बुल को याद करते हुए ट्वीट किया है. हेलिओस कैपिटल के फाउंडर और फंड मैनेजर समीर अरोड़ा बिग बुल के साथ अपने दिनों को याद करते हुए लिखते हैं, “बहुत दुखद खबर. राकेश बड़े दिल वाले एक महान व्यक्ति थे. मुझे हमेशा याद है कि दलाल कैसे बने? जब मैं मुंबई से सिंगापुर जा रहा था तो उन्होंने एक विदाई पार्टी दी थी और मुझे सरस्वती की एक मूर्ति दी थी, जो अभी भी हमारे पास है.” दलाल स्ट्रीट के एक और दिग्गज, IIFL सिक्योरिटीज के डायरेक्टर संजीव भसीन ने भी बिग बुल राकेश झुनझुनवाला के निधन पर दुख जताया है.

मेटावर्स में रियल एस्टेट एजेंट/ ब्रोकर कैसे बनें? | How To Become Real Estate Broker In The Metaverse In Hindi

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मेटावर्स में रियल एस्टेट करोड़ो में बिक रहा है। मेटावर्स में रियल एस्टेट बिज़नेस 2030 तक दलाल कैसे बने? 200 ट्रिलियन का बिज़नेस होने वाला है। अभी 2022 में यह बिज़नेस $500 मिलियन की वर्थ पर है और आनेवाले 8-9 साल में 2000% ग्रो करने की संभावना है।

मेटावर्स रियल एस्टेट क्या है? (What is Metaverse Real Estate)

डिजिटल वर्ल्ड में कई क्रिप्टो प्रोजेक्टर अपने गेम या मेटावर्स बनाते है। जहा पर आप लैंड को खरीदकर उसमे घर बना सकते हो, उसे रेंट पर दे सकते हो, कॉन्सर्ट कर सकते हो, कोई डिजिटल इवेंट कर सकते है, NFT टोकन माइन कर सकते है, या फिर उसे ज्यादा कीमत दलाल कैसे बने? पर बेच कर आप प्रॉफिट कमा सकते है। जैसे रियल लाइफ में कोई भी एसेट का इस्तेमाल या लेनदेन होती है वैसे ही यहा पर ये सब चीजें एक वर्चुअल दुनिया मे होती है।

मेटावर्स में कोई एक दुनिया NFT का इस्तेमाल करके कोई डिजिटल जमीन या प्रॉपर्टीज बना सकती है, और यह किसी दलाल कैसे बने? दूसरी डिजिटल दुनिया को ऑनलाइन आने से नही रोक सकती। यानी भविष्य में फेसबुक जैसी कंपनी अपनी मेटावर्स दुनिया बना सकती है। वर्चुअल दुनिया मे रियल एस्टेट की कीमत उसपे आनेवाले लोगो की संख्या, ट्रैफिक पर निर्भर करती है। उदाहरण के लिए, जैसे एक वेबसाइट की वैल्यू तब ज्यादा होती है जब उसपे दलाल कैसे बने? ज्यादा ट्रैफिक हो।

मेटावर्स में रियल एस्टेट एजेंट की आवश्यकता और अनुभव

कई कंपनियां अपना मेटावर्स बना रही है। दलाल कैसे बने? इसी कारण लोगो का रुझान इसमें निवेश करने में बढ़ता जा रहा है। अब सवाल यह है कि अगर इस वर्चुअल दुनिया मे रियल एस्टेट ब्रोकर होते है, तो कोई और कैसे बन सकता है?

पहले ये जानते है कि आखिर मेटावर्स में कोई डील करने के लिए एजेंट या ब्रोकर की जरूरत क्यों पड़ती है?

जैसे आप रियल दुनिया मे कोई घर या जमीन खरीदते वक्त किसी एजेंट का सहारा लेते है, वैसे ही मेटावर्स पर जमीन अक्सर किसी विश्वसनीय दलाल या कोई सेकेंडरी मार्केट के द्वारा पीयर टू पीयर होती है। यहाँ पर अक्सर खरीदारी किसी प्लेटफार्म या सेकंडरी मार्केट के माध्यम से होती है। इस प्रकार की ट्रेडिंग में रिस्क भी होता है।

कुछ कम्युनिटी के पास ऐसे एजेंट्स की डिटेल्स होती है जो बड़ी खरीद की सुविधा देते है। इन कम्युनिटीज में ब्रोकर एक विश्वसनीय सदस्य होते है जिनके प्रोजेस्ट में बड़े पोर्टफोलियो भी होते है और वे जानते है कि किसके पास सबसे क़ीमती एसेट्स है।

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