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बाजार पैटर्न

बाजार पैटर्न
व्यापारी इस बार दिल्ली, जयपुर, अहमदाबाद से राखी लेकर आए हैं। अच्छी ग्राहकी शुरू हो चुकी है। राखी व्यापारी नंदकिशोर ने बताया राखी पर जीएसटी लगने से उपभोक्ताओं पर भार बढ़ा है। 40 साल से राखी बेच रहा हूं। पहली बार इतनी बढ़ोतरी देखी है। फूं दे जहां पहले 1 से 10 रुपए में मिलते थे, उनके भाव बढ़कर 10 से लेकर 25 रुपए तक हो गए। रेशम का गुच्छा व फैंसी डोरे 15 रुपए से लगाकर 70 रुपए नग वाले हैं। सादी व फैंसी राखियां 20 से लेकर 150 रुपए तक की बिक रही है।

क्या है 'बुल मार्केट' और 'बियर मार्केट'? जानिए शेयर बाजार से क्या है इसका संबंध

शेयर मार्केट

यदि आपने हर्षद मेहता के जीवन पर आधारित लोकप्रिय वेब सीरीज देखी है, तो आपको याद होगा कि उसमें 'मंदोड़िया' (बियर) और 'तेजड़िया' (बुल) के बारे में बताया गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि बुल और बियर मार्केट, मार्केट एक्विटी का आधार हैं। ये निवेशकों और व्यापारियों को प्रचलित प्रवृत्ति के अनुसार अपना स्थान लेने में मदद करते हैं।

पर बाजार पैटर्न ये क्या हैं? आइए फिनोलॉजी के मुक्य कार्यकारी अधिकारी प्रांजल कामरा द्वारा जानते हैं इसके बारे में।

बिजनेस साइकल (व्यापार चक्र) को समझना
कोई भी बाजार कुछ आर्थिक सिद्धांतों के आधार पर बढ़ता है। इस संदर्भ में सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांतों में से एक 'व्यापार चक्र' है, जिसे इकोनॉमिक साइकल या ट्रेड साइकल के रूप में भी जाना जाता है। ये चक्र लहर की बाजार पैटर्न तरह के पैटर्न हैं जो दीर्घकालिक विकास की प्रवृत्ति पर बनते हैं। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि बाजार के आगे बढ़ने के साथ-साथ उनमें एक उछाल और गिरावट (मंदी) आती है। संक्षेप में, एक व्यापार चक्र की लंबाई एक उछाल और मंदी से लिया गया समय है।

बाजार में शिवलिंग, तिरंगा और राजस्थानी पैटर्न वाली राखियों की बढ़ी मांग

फरीदाबाद। शहर का मुख्य बाजार रक्षाबंधन के लिए सज गया है। फरीदाबाद के एनआईटी-1, 5, ओल्ड फरीदाबाद सेक्टर-10, बल्लभगढ़, सेक्टर-37 और बदरपुर बॉर्डर पर राखी की छोटी-बड़ी करीब 1000 से ज्यादा दुकानें सजी हैं। राखी का पर्व 11 व 12 अगस्त को है और अब दो दिन का समय बचा है। ऐसे में राखियां खरीदने के लिए बाजार में महिला एवं बालिकाओं की भीड़ जुटी हुई है। इस बार रक्षा बंधन के बाद स्वतंत्रता दिवस है। इसलिए तिरंगा राखियों की मांग बढ़ी है, वहीं शिवलिंग व राजस्थानी बाजार पैटर्न पैटर्न की राखियां खूब बिक रहीं हैं। यहां बताना जरूरी है कि इस बार जिले में कोरोना संक्रमण का खतरा भी कम है क्यूंकि पिछले दिनों कोरोना के मामलों में बढ़तरी हो गई है हालांकि स्वास्थ्य विभाग और बाजार पैटर्न जिला प्रशासन की ओर से किसी प्रकार का प्रतिबंध भी नहीं है। दो साल बाद राखी बाजार में रौनक दिखाई दे रही है।

ग्वालियर में बाजार पैटर्न अनलॉक 46 दिन बाद खुला शहर,ऑड ईवन पैटर्न पर खुलेंगे बाजार

ग्वालियर। 46 दिन बाद मंगलवार काे शहर के बाजार खुले। हालांकि प्रशासन का अजीब फार्मूला व्यापारियाें के गले नहीं उतर रहा है, जिससे मंगलवार काे बाजार खुलने पर लाेगाें में गफलत की स्थिति भी रही। जिस साइड की दुकानाें काे आज नहीं खुलना था, वहां भी दुकानदार दुकान खाेलकर बैठ गए। हालांकि सुबह से पुलिस प्रशासन के अधिकारी मैदान में थे, इसलिए समझाबुझाकर दुकानाें काे बंद बाजार पैटर्न करवा दिया गया। हालांकि अधिकांश लाेगाें काे सरकारी आदेश काे समझने में खासी उलझन रही है।

दरअसल सुबह छह बजे से शाम पांच बजे तक बाजारों को एक दिन दाएं और एक दिन बाएं की तर्ज पर खोला गया है। इसमें जिला प्रशासन ने दिशाओं के आधार पर आदेश को लागू किया है। भीड़ जुटने वाले स्थानों, स्कूल, कालेज, हाल, थियेटर, शापिंग मॉल आदि बंद रहेंगे। जरूरी सेवा वाले सरकारी दफ्तरों को छोड़कर शेष कार्यालय 100 प्रतिशत अधिकारियों व 50 फीसद कर्मचारियों के साथ संचालित होंगे। नियमित सब्जी व फल मंडियां बंद रहेंगी। हाथ ठेलों के माध्यम से फल-सब्जी मिलेगी। सार्वजनिक परिवहन को भी अनुमति रहेगी। वहीं मंगलवार से शहर की सभी देसी व अंग्रेजी शराब की दुकानें भी खुल गई हैं।

सिर्फ 13 फीसदी भारतीय निवेशकों को पसंद है शेयर बाजार, जानिए दुनिया का हाल

नई दिल्ली। कोरोना काल में दुनियाभर के शेयर बाजारों ने जबरदस्त गिरावट देखी हैं। बाजार पैटर्न मार्च और अप्रैल के महीने में तो हालत काफी खराब थी। कुछेक कंपनियों को छोड़ दिया जाए तो सभी को काफी नुकसान झेलना पड़ा। जिसकी निवेशकों को भी काफी नुकसान हुआ। अमेजन, एप्पल, टेस्ला, रिलायंस जैसी बड़ी कंपनियों को फायदा भी हुआ। रिलायंस तो कोरोना काल में ही अपने सबसे अच्छे दौर से गुजर रही है। जिसका फायदा निवेशकों को भी मिला है। क्या प जानते हैं आखिर भारत में बाजार पैटर्न कितने इंवेस्टर हैं, जोकि शेयर बाजार में अपना बाजार पैटर्न रुपया लगाते हैं? आखिर पूरी दुनिया के बाजार पैटर्न मुकाबले भारतीय निवेशकों का शेयर बाजार पर कितना विश्वास है? भारतीय निवेशक किस सेगमेंट में निवेश करना पसंद करते हैं? आइए आपको भी बताते हैं।

Only 13 percent Indian investors like the stock market, know the world

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