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ग्लोबल मार्केट

ग्लोबल मार्केट
फाइल फोटो

हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन बाजार की सपाट शुरुआत

वैश्विक बाजार से मिले संकेतों के बाद आज यानी 29 नवंबर को शेयर बाजार की सपाट शुरुआत हुई। सेंसेक्स 91.1 अंकों की गिरावट के साथ 62595.95 के स्तर पर नजर आ रहा है। वहीं निफ्टी 33 अंक यानी 0.18 फीसदी की गिरावट के साथ 18595.80 के स्तर पर नजर आ रहा है ।

ग्लोबल मार्केट की बात करें तो डाओ जोन्स 497 अंक यानी 1.45 फीसदी गिरावट पर है वहीं, S&P 500 में 1.54 फीसदी और नैस्डैक में 176 अंक यानी 1.58 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

एशियन बाजारों में भी गिरावट का ही माहौल है। जापान के निक्केई में 0.94 फीसदी और कोरिया के KOSPI में 0.20 फीसदी की गिरावट देखी जा रही है।

खबरों के लिहाज से देखें तो आज HCL Tech, Lupin, Fusion Micro Fin, Five-Star, NBCC, PNB के शेयरों में एक्शन दिख सकता है, आइए एक नजर डालते हैं आज के ट्रेंडिंग स्टॉक पर-

ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनी ने अपने बिजनेस के डिजिटल परिवर्तन के लिए स्विस फर्म SR Technics के साथ एक बहु-वर्षीय अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। बता दें, SR Technics सिविल एविएशन इंडस्ट्री को रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल की सेवा प्रदान करता है।

राज्य के स्वामित्व वाली निर्माण कंपनी को तत्कालीन रियल्टी फर्म आम्रपाली ग्रुप से 271.62 करोड़ रुपये के कार्य ऑर्डर प्राप्त हुए हैं।

सरकारी बैंक की योजना टियर-2 बांड जारी कर 4,000 करोड़ रुपये जुटाने की है। बैंकों ने यह फैसला ऐसे समय में किया है ग्लोबल मार्केट जब ऋण वृद्धि में लगातार तेज़ी देखि जा रहे है। जबकि जमा वृद्धि में लगातार कमी हो रही है।

कंपनी की प्रमोटर फर्म RRPR होल्डिंग ने अपनी इक्विटी कैपिटल का 99.5% हिस्सा अदाणी ग्रुप की स्वामित्व वाली VCPL को ट्रान्सफर कर दिया है।

इस बीच, 22 नवंबर को शुरू हुई अदाणी ग्रुप की खुली पेशकश में शेयरधारकों ने अब तक 5.3 मिलियन शेयर का टेंडर प्राप्त किया है। जोकि 16.7 मिलियन शेयरों का 31.78 % हिस्सा है।

कोयले की बढ़ती मांग को देखते हुए, कोल इंडिया ने 30 बंद खदानों को फिर से खोलने का प्रस्ताव दिया है। इन खदानों में उपयोग करने योग्य लगभग 600 मिलियन टन के खनन भंडार है। इसके अलावा, कंपनी ने कहा कि उसे खदान बंद करने की लागत उपभोक्ताओं पर डालने की आजादी दी गई है, लेकिन उसने अभी तक ऐसा कोई कदम नहीं उठाया है।

इसके अलावा Filatex Fashions, vedanta, Fusion Micro Finance, Five-Star Business Finance, Mankind Pharma, Lupin, Airlines आदि के स्टॉक्स भी आज ट्रेंड में बने रहेंगे।

सूरत : ग्लोबल मार्केट में पार्टी पालयान के मामले में 4.33 करोड़ रुपये का माल बरामद

21.48 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के दो मामलों में दलाल जितेंद्र मंगुकिया गिरफ्तार

सूरत आर्थिक अपराध निवारण शाखा ने सूरत के ग्लोबल मार्केट में करोड़ों रुपये जुटाने के बाद पार्टी पलायन करनेवाले व्यापारियों की दुकानों और गोदामों से कुल 4.33 करोड़ रुपये का माल बरामद किया है। आर्थिक अपराध निवारण शाखा ने 21.48 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के दो मामलों में दलाल जितेंद्र मंगुकिया को गिरफ्तार किया।

सूरत के वराछा में ग्लोबल मार्केट में करोड़ों रुपये के घोटाले के मद्देनजर बीती देर रात वराछा थाने में 21.48 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की दो शिकायतें दर्ज की गईं। बाद में दोनों मामलों की जांच अपराध शाखा की आर्थिक अपराध रोकथाम शाखा को सौंपी गई। आर्थिक अपराध निवारण शाखा के एसीपी वी.के. परमार और पीआई ए.वाई. बलूच और उनकी टीम ने एक दलाल जितेंद्र दामजीभाई मंगुकिया को गिरफ्तार किया, जिसने पीडि़तों की व्यापारियों से पहली बार मुलाकात करायी थई और बुनकरों को ग्रे कपड़ा प्रदान किया था।

इस बीच, आर्थिक अपराध निवारण ग्लोबल मार्केट शाखा (ईसीसीबी) ने कल प्रदर्शनकारी व्यापारियों के ग्लोबल मार्केट में विभिन्न दुकानों और गोदामों को शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की थी। नतीजतन, आर्थिक अपराध निवारण शाखा ने आज कुल 4.33 करोड़ रुपये की वसूली की है।

सूरत : सिविल, स्मीमेर और निजी अस्पतालों के मरीजों की मतदान की व्यवस्था की गई

लोकतंत्र के पर्व में मरीज भी शामिल होंगे अस्पतालों से एम्ब्युलेन्स में मरीजों को मतदान केन्द्र ले जाया जायेगा

सूरत : विधानसभा चुनाव-2022 , मतदान के लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयार

सिस्टम द्वारा मतदान की तैयारियों को अंतिम रूप दिया, मतदाताओं को लुभाने के लिए प्रत्याशियों द्वारा अंतिम समय में पैंतरेबाज़ी

सूरत : ईवीएम मशीन सहित सामग्री का वितरण प्रशासन द्वारा किया गया

सुरक्षा व्यवस्था के साथ अधिकतम मतदान की योजना बनाकर सूरत जिला कलेक्टर द्वारा वीवीपीएटी और ग्लोबल मार्केट ईवीएम को रवाना किया गया

सूरत : जीएसटी के तहत व्यवहारिक मुद्दों/वार्षिक रिटर्न में परिवर्तन और समाधान विवरण ग्लोबल मार्केट पर चैंबर द्वारा आयोजित वेबिनार

विशेषज्ञ वक्ता के रूप में चार्टर्ड एकाउंटेंट डॉ. शैलेन्द्र सक्सेना ने महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया

मस्क के हाथों में आते ही ट्विटर की बदली तकदीर, 55 फीसदी बढ़ा ग्लोबल मार्केट शेयर

मस्क के हाथों में आते ही ट्विटर की बदली तकदीर, 55 फीसदी बढ़ा ग्लोबल मार्केट शेयर

डीएनए हिंदी: एलन मस्क के अधिग्रहण के बीच 2022 में ट्विटर की बाजार हिस्सेदारी में 55.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि दुनिया भर में डेस्कटॉप और मोबाइल उपकरणों पर नवंबर तक फेसबुक की हिस्सेदारी 11.86 प्रतिशत गिर गई है. एक नई रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है. फिनबोल्ड द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, बाजार हिस्सेदारी के टूटने से संकेत मिलता है कि फेसबुक ने वर्ष की शुरुआत 76.85 प्रतिशत से की, जबकि नवंबर में, मूल्य 67.73 प्रतिशत था.अन्य जगहों पर, जनवरी में, ट्विटर की बाजार हिस्सेदारी 7.16 प्रतिशत थी, जबकि नवंबर तक यह आंकड़ा 11.16 प्रतिशत था.

डेली यूजर्स में इजाफा
निष्कर्षो से पता चलता है कि डाटा से, फेसबुक प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बना हुआ है, लेकिन ट्विटर अपने बाजार हिस्सेदारी का विस्तार करने की दौड़ जीत रहा है. ट्विटर का हिस्सा टेस्ला के सीईओ मस्क द्वारा कंपनी के अधिग्रहण के साथ सहसंबंध में बढ़ गया है, जिन्होंने पहले ही कंपनी में कई बदलावों को लागू करना शुरू कर दिया है. दिलचस्प बात यह है कि आंतरिक रिपोर्ट, जिसकी पुष्टि एलन मस्क ने भी की है, उससे संकेत मिलता है कि ट्विटर के रूप में दैनिक यूजर्स वृद्धि ने मस्क के कार्यकाल के पहले पूरे सप्ताह के दौरान एक सर्वकालिक उच्च स्तर प्राप्त किया.

मस्क ने किया प्रभावित
फिनबॉल्ड ने कहा कि प्रदर्शन शुरुआती आशंकाओं को शांत करने के लिए प्रतीत होता है कि ट्विटर मस्क के अधिग्रहण के साथ उपयोगकर्ताओं के बड़े पैमाने पर पलायन का अनुभव कर सकता है. पूरे वर्ष बाजार हिस्सेदारी के आंकड़ों के आधार पर, यह माना जा सकता है कि मस्क ने संख्याओं को प्रभावित किया है. उदाहरण के लिए, जब सौदे की पहली बार घोषणा की गई थी, तब शेयर मई के आसपास बढ़ गया था, लेकिन शुरू में पीछे हटने के बाद यह गिर गया.

टिकटॉक से हुआ फेसबुक को नुकसान
मस्क फैक्टर और बदलाव के वादे के अलावा, ट्विटर के विकास को डिजाइन बदलने जैसे तत्वों के लिए भी जिम्मेदार ठहराया जा सकता है. वहीं, टिकटॉक जैसे नए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के साथ बढ़ती प्रतिस्पर्धा से फेसबुक की बाजार हिस्सेदारी प्रभावित हुई है. इस लाइन में, जिस कंपनी ने 11,000 कर्मचारियों को निकाल दिया है, वह टिकटॉक जैसे प्रतिद्वंद्वियों के लिए उपयोगकर्ताओं और विज्ञापन राजस्व दोनों को खो रही है. रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है, "कुल मिलाकर, फेसबुक ने वर्षो से उपयोगकर्ताओं के साथ संघर्ष किया है, विशेषज्ञों ने सूचना अधिभार, गोपनीयता चिंताओं, लत, साथियों के दबाव और नए प्लेटफार्मों के उद्भव जैसे कारकों की ओर इशारा किया है.

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ग्लोबल मार्केट में था नीरव मोदी का जलवा

बैंक फ्रॉड के आरोपों से घिरे नीरव मोदी आम भारतीय हीरा व्यापारी नहीं थे, उन्होंने एक ग्लोबल ब्रैंड खड़ा किया था। उनके अनूठे डिजाइन वोग के फोटोस्प्रेड से लेकर लंदन, न्यू यॉर्क और पैरिस के फैशन हाइवे पर चमकते थे।

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फाइल फोटो

फ्रॉड की खबर बाहर आने पर इनके जानकारों ने बात करने से मना कर दिया और जिन्होंने बात की उन्होंने पहचान जाहिर नहीं करने की शर्त जोड़ी। देश के ज्यादातर टॉप डिजाइनर्स ने मोदी के साथ रिश्ता होने से मना कर दिया। कुछेक ने स्पॉन्सर्स के जरिए उनके साथ काम करने की बात मानी। नीरव को अरसे से जानने वाले एक सूत्र ने बताया, 'वह ग्लैमरस लाइफ जीते थे और खास सर्कल के लोगों के साथ उठते-बैठते थे।' ईटी से बात करने वाले सभी लोगों ने नीरव को एक ग्लोबल एंपायर खड़ा करने में दिलचस्पी रखने वाला होशियार गुजराती उद्यमी बताया। उनके जुनून का पता मॉडल्स और स्टोर्स की उनकी चॉइस और फेसबुक की फॉर्मर कंट्री हेड कृतिका रेड्डी की हायरिंग से चलता है।

कौन हैं नीरव मोदी?
1990 के दशक में ग्राहकों के बेहतर एक्सपीरियंस के लिए उनकी पसंद पर साइज, कलर, वेट के हिसाब हीरा सप्लाई करने वाले उद्यमी हुआ करते थे। उन्होंने रीटेल की अहमियत और ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग बेस के यूरोप से एशिया शिफ्टिंग को पहले ही भांप लिया था। ऐसे में जूलरी ब्रैंड उनके लिए स्वाभाविक पसंद था। मोदी को पहली बड़ी उपलब्धि 2010 में तब हासिल हुई ग्लोबल मार्केट जब हॉन्गकॉन्ग में क्रिस्टीज के ऑक्शन में उनका एक नेकलेस $35.6 लाख में बिका। क्रिस्टीज के कैटेलॉग के कवर पर आने वाले नीरव पहले जूलर थे।

नीरव बरसों से इस मौके की तैयारी में लगे थे। उन्होंने 2005 में अपने सबसे बड़े अमेरिकी कस्टमर फ्रेडरिक गोल्डमैन को खरीदा, जो उनकी कंपनी की 7 गुना बड़ी थी। उसके जरिए नीरव जेसी पेनी, सीयर्स और वॉलमार्ट के आउटलेट्स तक पहुंच गए। एक फॉर्मर एंप्लॉयी ने पहचान जाहिर नहीं किए जाने की शर्त पर कहा कि मोदी की कामयाबी की वजह कंपनी के हर काम में सक्रिय भागीदारी निभाना था। उनको डिजाइनिंग से एचआर लेकर हर चीज में गहराई में जाना पसंद था।

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